अनूप दुबे, कटनी (ढीमरखेड़ा)। जहां एक ओर प्रदेशभर में झमाझम बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं कटनी जिले की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत झिन्ना पिपरिया का आश्रित गांव मटभोना पीने के पानी के गंभीर संकट से जूझ रहा है। नल-जल योजना पिछले दो महीने से ठप पड़ी है और गांव के पांच हैंडपंपों में से चार पूरी तरह खराब हैं।

दो-तीन दिन पुराना पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए निजी बोरवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि जब गांव में बिजली गुल होती है तो लोगों को दो से तीन दिन पुराना बासी पानी पीना पड़ता है। बारिश के मौसम में ऐसा पानी पीने से गांव में महामारी और जलजनित बीमारियों के फैलने की गंभीर आशंका बनी हुई है।

कीचड़ और दलदल में तब्दील हुईं गांव की सड़कें

पानी की किल्लत के साथ-साथ गांव की अंदरूनी सड़कों की हालत भी खस्ताहाल है। बारिश के दिनों में सड़कें दलदल में तब्दील हो जाती हैं, जिससे ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर हेल्पलाइन 181 तक कई शिकायतें की लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

‘CM साहब! हमारे गांव की भी सुनिए…’

मटभोना गांव पूरी तरह यादव बहुल है। लाचार ग्रामीणों ने अब सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे मुख्यमंत्री भी यादव हैं और वे पूरे प्रदेश का विकास करा रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि वे हमारे गांव की इस बड़ी समस्या का निराकरण कराएंगे और विकास की मुख्य धारा से जोड़ेंगे।

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