Odisha Desk, ब्रह्मपुर: ओडिशा के गंजाम जिले में स्थित ब्रह्मपुर विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब एक निजी ठेकेदार ने विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके आवासीय क्वार्टर खाली करने के लिए नोटिस चिपका दिए। इस घटना से कर्मचारियों और उनके परिवारों में भारी आक्रोश और अनिश्चितता का माहौल है।

शुक्रवार को विश्वविद्यालय के मोनार्क स्क्वायर के पास स्थित आवासीय भवनों पर ये बेदखली नोटिस चिपकाए गए थे। जब कर्मचारियों की नज़र इन नोटिसों पर पड़ी, तो उन्होंने आक्रोशित होकर उन्हें फाड़ दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार ने बिना किसी पूर्व अनुमति के परिसर में प्रवेश कर अराजकता और डर का माहौल बनाया है।

10 करोड़ रुपये की लागत से बने थे आवास

जानकारी के अनुसार, इन आवासीय भवनों का निर्माण पूर्व कुलपति प्रोफेसर गीतांजलि दाश के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2023 में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा कराया गया था। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 10 दो मंजिला ब्लॉक बनाए गए थे।इनमें कुल 40 कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था की गई थी, जहां वर्तमान में वे अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं।

हालांकि, आवंटन के तुरंत बाद ही कर्मचारियों ने निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं और आवश्यक मरम्मत की मांग की थी।

सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उसके बकाए का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके चलते उसे यह कदम उठाना पड़ा।नोटिस के बाद हुए भारी हंगामे और विवाद को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया है:

विश्वविद्यालय अधिकारियों ने CPWD को इस विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने का निर्देश दिया है।

टेंडर की शर्तों की समीक्षा करने और समस्या का समाधान निकालने के लिए विभागीय अधिशासी अभियंता के साथ बातचीत बुलाई गई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि ठेकेदार और CPWD के साथ बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा। हालांकि, कर्मचारी और उनके परिवार अभी भी आशंकित हैं। कर्मचारियों ने बेदखली के बजाय आवासीय परिसरों की तत्काल मरम्मत और मामले में स्पष्टता की मांग की है।

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