हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्षद संध्या यादव को लेकर की गई कथित टिप्पणी ने महिलाओं पर नेताओं की भाषा और सार्वजनिक मंचों पर शब्दों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार्यक्रम में विजयवर्गीय पहले पार्षद संध्या यादव की जमकर तारीफ करते नजर आए। उन्होंने उनके वार्ड में किए जा रहे काम और मेहनत का जिक्र किया। मंत्री ने बताया कि जब संध्या यादव की ओर से कोई पत्र आता है, तो उनके बेटे और विधायक आकाश विजयवर्गीय उन्हें उस पत्र पर हस्ताक्षर करने की जानकारी देते हैं। लेकिन तारीफ के बीच मंत्री ने विधायक महेंद्र हार्डिया की ओर देखते हुए कथित तौर पर कहा कि “महेंद्र जी, आप भी मौजूद हैं, दिखाई नहीं दिए… संध्या जी की चौड़ाई बढ़ गई है।” इस टिप्पणी का सटीक संदर्भ और आशय कार्यक्रम के पूरे वीडियो तथा संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होना बाकी है।
आखिर मंच पर ऐसी भाषा की जरूरत क्यों?
मंच से किसी महिला जनप्रतिनिधि के काम की तारीफ करना एक बात है, लेकिन उसी दौरान उनके शरीर या व्यक्तित्व को लेकर टिप्पणी करना अलग सवाल खड़े करता है। खासकर तब, जब वक्ता सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहा हो।अब बहस इस बात पर हो रही है कि सार्वजनिक मंचों पर महिला नेताओं के योगदान, मेहनत और राजनीतिक भूमिका की चर्चा होनी चाहिए या फिर बातचीत व्यक्तिगत टिप्पणियों की ओर चली जानी चाहिए।यह टिप्पणी आलोचना का विषय बन सकती है, लेकिन इसके आधार पर मंत्री की मंशा के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले पूरा वीडियो और उनका स्पष्टीकरण देखना जरूरी होगा।
महिलाओं को लेकर पहले भी विवाद
कैलाश विजयवर्गीय के बयानों को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। महिलाओं के पहनावे और सामाजिक व्यवहार पर उनकी टिप्पणियों ने सार्वजनिक बहस को जन्म दिया था।
2023: लड़कियों के पहनावे पर ‘शूर्पणखा’ वाली टिप्पणी
अप्रैल 2023 में विजयवर्गीय के एक बयान को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें उन्होंने छोटे या कथित रूप से अनुचित कपड़े पहनने वाली लड़कियों पर टिप्पणी करते हुए उनकी तुलना शूर्पणखा से की थी। इस बयान पर महिलाओं और कांग्रेस नेताओं की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था।
2025: छोटे कपड़ों को लेकर बयान पर फिर विवाद
जून 2025 में इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने लड़कियों के पहनावे को लेकर टिप्पणी की थी। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कम कपड़े पहनने वाली लड़कियों के साथ सेल्फी लेने को लेकर अपनी पसंद का जिक्र किया। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस हुई।
2022: बॉयफ्रेंड बदलने वाले बयान पर सफाई
अगस्त 2022 में बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय के एक बयान को लेकर विवाद हुआ था। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि वह विदेश में रहने वाले अपने मित्र की प्रतिक्रिया बता रहे थे और नारी शक्ति का सम्मान करते हैं।
महिला सम्मान और सार्वजनिक भाषा पर फिर बहस
कैलाश विजयवर्गीय के ताजा बयान को लेकर अब सवाल केवल एक टिप्पणी तक सीमित नहीं है। राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रति भाषा, सम्मान और मंचीय मर्यादा पर भी चर्चा हो रही है।एक ओर महिला जनप्रतिनिधियों की मेहनत और राजनीतिक योगदान की सराहना की जाती है, वहीं दूसरी ओर उनके बारे में व्यक्तिगत या शारीरिक टिप्पणियां विवाद को जन्म देती हैं। ऐसे में नेताओं के सार्वजनिक बयानों की जिम्मेदारी और उनके प्रभाव पर सवाल उठना स्वाभाविक है।अब देखना होगा कि संध्या यादव इस टिप्पणी को किस रूप में लेती हैं और कैलाश विजयवर्गीय या बीजेपी की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं।
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