Business Desk – TCS Q2 Results Updates : टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के सितंबर तिमाही के नतीजे 8 अक्टूबर को आएंगे। इस बार निवेशकों की नजर सिर्फ मुनाफे पर नहीं, बल्कि Revenue Growth, EBIT Margin, बड़े सौदों की बुकिंग और AI Revenue पर रहेगी। कंपनी की हालिया डील्स और कमेंट्री के आधार पर Q2 में मामूली सुधार का अनुमान है, लेकिन इसे तेज ग्रोथ की वापसी नहीं माना जा रहा।

Q2 में कितना रह सकता है रेवेन्यू?
जून तिमाही में TCS का Consolidated Revenue 72,275 करोड़ रुपए और Constant Currency Growth 0.4% रही थी। सितंबर तिमाही में रेवेन्यू 74,000-75,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। यानी तिमाही आधार पर 2.4-3.8% की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि इसमें रुपए की कमजोरी का Translation Benefit भी शामिल होगा।
ब्रोकरेज अनुमानों में Constant Currency Growth करीब 0.5% रहने की उम्मीद है। इससे काफी बेहतर आंकड़ा आने पर कारोबार में सुधार का संकेत मिल सकता है।
Margin पर सबसे ज्यादा नजर
जून तिमाही में TCS का EBIT Margin 24% था, जो पिछली तिमाही के 25.3% से कम रहा। इसमें FY27 की शुरुआत में हुई Salary Hike का असर था।
सितंबर तिमाही में EBIT Margin 24-24.5% रहने का अनुमान है। 24.5% से ऊपर का मार्जिन ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार दिखाएगा, जबकि 24% से नीचे दबाव का संकेत होगा। कंपनी ने FY27 के अंत तक 25% या उससे ज्यादा मार्जिन की दिशा में लौटने का संकेत दिया है।
PAT में 6-9% तक बढ़ोतरी संभव
जून तिमाही में TCS का Reported PAT 13,349 करोड़ रुपए रहा था। इसमें एक असाधारण कानूनी प्रावधान का असर था। सितंबर तिमाही में ऐसा कोई बड़ा खर्च नहीं होने पर PAT में ज्यादा सुधार दिख सकता है।
अनुमान के मुताबिक Q2 PAT 14,100-14,500 करोड़ रुपए रह सकता है, जो जून तिमाही से करीब 6-9% ज्यादा होगा। हालांकि सिर्फ PAT देखकर कंपनी के प्रदर्शन का आकलन करना सही नहीं होगा।
AI Revenue में कितनी तेजी?
जून तिमाही में TCS की Annualized AI Revenue 2.6 अरब डॉलर पहुंच गई थी, जो पिछली तिमाही से 13.6% ज्यादा थी। अब सवाल है कि AI से नई Demand और नए Projects कितनी तेजी से बढ़ रहे हैं।
AI जहां नए अवसर दे रहा है, वहीं ग्राहक कम लोगों में ज्यादा काम कराने की कोशिश कर सकते हैं। इससे पारंपरिक IT Services के Billing Model पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए सिर्फ AI Revenue नहीं, उससे पैदा होने वाली नई डिमांड भी महत्वपूर्ण होगी।
Deal Booking कितनी रहेगी?
जून तिमाही में TCS का Total Contract Value (TCV) 9.5 अरब डॉलर था। सितंबर तिमाही में इसके 10-11 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। 11 अरब डॉलर से ऊपर TCV भविष्य की Revenue Visibility के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है, जबकि 9 अरब डॉलर से नीचे रहना नई बड़ी डील की कमजोर गति दिखा सकता है।
हालांकि TCV का असर तुरंत Revenue में नहीं दिखता। बड़े सौदे कई वर्षों में लागू होते हैं और रेवेन्यू धीरे-धीरे आता है।
BFSI से मिल सकता है सपोर्ट
जून तिमाही में BFSI की Constant Currency Growth 1.6% और Technology and Services की 1.7% रही थी। सितंबर तिमाही में इनसे कुल ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
वहीं Consumer Business करीब 4% घटा था। महंगाई, अनिश्चितता और ग्राहकों के Cost Control के कारण इस सेगमेंट में तेज रिकवरी की उम्मीद कम है।
Porsche और MHP डील का असर
TCS ने Porsche के साथ पांच साल की Strategic Partnership की है और IT Consulting कंपनी MHP के अधिग्रहण की घोषणा की है। इससे ऑटोमोबाइल, SAP, मैन्युफैक्चरिंग और AI क्षमताएं बढ़ाने की योजना है। हालांकि सितंबर तिमाही के नतीजों पर इनका बड़ा वित्तीय असर अपेक्षित नहीं है। इनका महत्व लंबी अवधि की ग्रोथ में है।
नतीजों में ये 4 आंकड़े रहेंगे अहम
बेस केस अनुमान के मुताबिक Q2 Revenue 74,000-75,000 करोड़ रुपए, EBIT Margin 24-24.5%, PAT 14,100-14,500 करोड़ रुपए और TCV 10-11 अरब डॉलर रह सकता है। इस बार TCS की तस्वीर समझने के लिए Revenue Growth, Margin, TCV और AI Revenue को साथ देखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।

