Automobile Desk – देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर विनिर्माता कंपनी एथर एनर्जी (Ather Energy) ने भारतीय बाजार में अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों की लगातार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा करने का फैसला लिया है। कंपनी अपने दो प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में कुल मिलाकर हर महीने 18,000 यूनिट्स का अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाएगी। इसमें तमिलनाडु स्थित होसुर (Hosur) प्लांट के साथ-साथ महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बन रहा नया AURIC Phase 1 प्लांट भी शामिल है। क्षमता विस्तार का यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब कंपनी मौजूदा मांग और सप्लाई के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही थी।
मांग और आपूर्ति के अंतर को कम करने की कोशिश
बाजार में ईवी सेगमेंट के तेजी से विस्तार के कारण एथर के वाहनों की बुकिंग और पूछताछ में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में हर महीने लगभग 20,000 यूनिट्स की ऐसी संभावित बिक्री है, जिसे मौजूदा विनिर्माण क्षमता सीमित होने के कारण पूरा नहीं किया जा पा रहा है। इस अनमेल्ड डिमांड को पूरा करने और डिलीवरी टाइम को कम करने के उद्देश्य से ही दोनों विनिर्माण केंद्रों पर असेंबली लाइनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
दोनों प्लांट्स में विस्तार की योजना
प्लान की रूपरेखा के मुताबिक, होसुर इकाई में प्रति माह 6,000 अतिरिक्त स्कूटर तैयार किए जाएंगे, जबकि महाराष्ट्र वाले AURIC Phase 1 प्लांट से हर महीने 12,000 यूनिट्स की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी। तमिलनाडु प्लांट में अपग्रेडेशन का कार्य चालू वित्तीय वर्ष की मौजूदा तिमाही के अंत तक शुरू होने की संभावना जताई गई है। दूसरी तरफ, महाराष्ट्र स्थित संयंत्र में आने वाले कुछ ही हफ्तों में ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। यहां पूरी तरह से मशीनरी इंस्टालेशन और क्षमता विस्तार के लक्ष्य को वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही तक अंतिम रूप देने की योजना बनाई गई है।

पहली बार दर्ज किया तिमाही मुनाफा
उत्पादन में तेजी लाने के इस कदम के पीछे कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़े भी एक मुख्य वजह हैं। जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही एथर एनर्जी के लिए मील का पत्थर साबित हुई है, जहां कंपनी ने अपने इतिहास में पहली बार तिमाही स्तर पर शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दर्ज किया है। 30 सितंबर को समाप्त हुई इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 1.26 करोड़ रुपये रहा। गौरतलब है कि ठीक एक साल पहले इसी समान अवधि (Q2FY26) में एथर को 154.07 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा उठाना पड़ा था। घाटे से उबरकर लाभ की स्थिति में आना कंपनी की मजबूत बिक्री और लागत प्रबंधन की रणनीति को दर्शाता है।
बिक्री और बुकिंग आंकड़ों में जबरदस्त उछाल
वित्तीय आंकड़ों और बिक्री की गति पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के दौरान एथर ने कुल 93,000 से अधिक स्कूटरों की थोक आपूर्ति (Wholesale Dispatch) की। वहीं, आरटीओ (RTO) वाहन पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान 92,500 से ज्यादा स्कूटरों का रजिस्ट्रेशन दर्ज हुआ। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि में हुए 57,000 रजिस्ट्रेशंस के मुकाबले काफी ज्यादा है। इसके अतिरिक्त, कंपनी के पास आने वाली ग्राहकों की पूछताछ (Enquiries) में साल-दर-साल आधार पर 109 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है, जो 10 लाख के आंकड़े को छू चुकी है। साथ ही प्री-ऑर्डर्स में भी 108 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है, जो बढ़कर 1.8 लाख यूनिट्स के करीब पहुंच गया है।

