Dabli Bas Qutub Ward Voter Dispute: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की डबली बास कुतुब ग्राम पंचायत में वार्डवार मतदाताओं की संख्या चर्चा का विषय बन गई है। निर्वाचन विभाग की ओर से जारी मतदाता सूची के अनुसार, पंचायत के वार्ड 4 में सिर्फ 11 मतदाता हैं, जबकि वार्ड 3 में 350 मतदाता दर्ज हैं।

एक ही पंचायत के वार्डों में मतदाताओं की संख्या के इस बड़े अंतर ने वार्ड गठन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदी लाल मीणा ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।

वार्ड 4 में सिर्फ 11 मतदाता, छह वोटों पर टिकी जीत

डबली बास कुतुब ग्राम पंचायत के वार्ड 4 में मतदाता सूची के मुताबिक कुल 11 लोग मतदान के पात्र हैं। ऐसे में यहां चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए हर वोट बेहद अहम होगा। यदि दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होता है और सभी 11 मतदाता मतदान करते हैं, तो छह वोट हासिल करने वाला उम्मीदवार बहुमत पा सकता है।

हालांकि, वास्तविक जीत का फैसला चुनाव में उतरने वाले उम्मीदवारों, मतदान और लागू निर्वाचन नियमों पर निर्भर करेगा। फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड में दर्ज मतदाताओं की बेहद कम संख्या को लेकर है।

एक ही पंचायत में 11 से 350 तक मतदाता

डबली बास कुतुब पंचायत में कुल नौ वार्ड हैं और मतदाता सूची के अनुसार सभी वार्डों में मिलाकर 1,741 मतदाता हैं। इनमें वार्ड 3 सबसे बड़ा है, जहां 350 मतदाता दर्ज हैं। इसके मुकाबले वार्ड 4 में केवल 11 मतदाता हैं।

पंचायत के वार्ड 5 में 36 और वार्ड 6 में 87 मतदाता हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि एक ही पंचायत के अलग-अलग वार्डों की मतदाता संख्या में बड़ा अंतर है। इसी असमानता को लेकर वार्ड गठन की प्रक्रिया की जांच की मांग उठ रही है।

मतदाता सूची सामने आने के बाद उठा मामला

निर्वाचन विभाग की ओर से जारी वार्डवार मतदाता सूची में वार्ड 4 की संख्या सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। सवाल उठ रहे हैं कि वार्डों की सीमाएं तय करते समय मतदाताओं की संख्या में इतना अंतर कैसे रह गया।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर वार्ड गठन में अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है। इसके लिए संबंधित रिकॉर्ड और प्रक्रिया की जांच जरूरी होगी।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने दिया जांच का भरोसा

हनुमानगढ़ के अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदी लाल मीणा ने कहा कि डबली बास कुतुब पंचायत में वार्डों के बीच मतदाताओं की संख्या में भारी अंतर है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और किसी अधिकारी या कर्मचारी के दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही। अब जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वार्ड 4 में मतदाताओं की संख्या इतनी कम होने के पीछे क्या कारण हैं और वार्ड गठन के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं।

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