प्रदीप मालवीय, उज्जैन। राष्ट्रीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने उज्जैन में तेजी से हो रहे विकास कार्यों की तारीफ की। इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों को सराहा भी है। महाराज ने कहा कि सभी साधु-संतों की इच्छा है कि उज्जैन में ऐसा सिंहस्थ हो, जो पहले कभी न हुआ हो। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु मां क्षिप्रा में स्नान करने के बाद बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे और इस बार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

दरअसल, राष्ट्रीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी जी महाराज उज्जैन प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए सिंहस्थ 2028 की तैयारियों, साधु-संतों की सुविधाओं, अखाड़ों के निर्माण, डिजिटल कुंभ और कई धार्मिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री के विजन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन में प्रवेश करते ही चारों दिशाओं में विकास कार्य दिखाई देते हैं। जहां पहले छोटी सड़कें थीं, वहां अब चौड़ी सड़कें और हाईवे बनाए जा रहे हैं।

स्नान में मिलेगी सुविधा

उन्होंने बड़नगर रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले करीब 30 फीट चौड़ी सड़क अब 120 फीट तक विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में जिस तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री का सपना है कि सिंहस्थ भव्य और दिव्य हो और साधु-संत भी मां क्षिप्रा से यही प्रार्थना करते हैं कि उनका यह सपना पूरा हो। 2016 के सिंहस्थ में स्नान की परेशानी का जिक्र करते हुए महाराज ने कहा कि उस समय साधु-संतों और नागा संन्यासियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। स्नान के लिए प्रमुख रूप से रामघाट ही उपलब्ध था, जिसके कारण काफी परेशानी हुई थी। लेकिन इस बार करीब 29 किलोमीटर लंबे घाट तैयार किए जा रहे हैं। इससे करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और साधु-संतों को स्नान में सुविधा मिलेगी।

टेंट सिटी की व्यवस्था पर कही ये बात

टेंट सिटी की व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान साधु-संतों के रहने के लिए टेंट सिटी बनाई जाती है। यहां अस्थायी निर्माण और टेंटों में साधु-संत निवास करते हैं। कई बार कच्चे रास्तों और दूसरी व्यवस्थाओं के कारण परेशानी होती है। इस बार प्रयास होना चाहिए कि साधु-संतों के रहने, आने-जाने और जरूरी सुविधाओं का बेहतर इंतजाम हो, जिससे सिंहस्थ भव्य और दिव्य बन सके।

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि बाबा बागेश्वर भगवान राम और भगवान कृष्ण के परम भक्त हैं। कई बार अनजाने में बातचीत के दौरान ऐसे शब्द निकल जाते हैं, जो ठीक नहीं होते। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भी अनजाने में भूल हुई होगी। महाराज ने उन्हें छोटे विवेकानंद जैसा बताते हुए कहा कि उनकी कथाओं में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनकी भूल को क्षमा करें और इस मामले को ज्यादा तूल न दें।

डिजिटल कुंभ और फर्जी बाबाओं पर कही ये बात

डिजिटल कुंभ को लेकर उन्होंने कहा कि प्रयागराज में भी डिजिटल कुंभ का आयोजन किया गया था और अब उज्जैन में भी डिजिटल कुंभ होने जा रहा है। 2016 से 2028 के बीच काफी बदलाव आया है। इस बार आधुनिक तकनीक के साथ साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फर्जी बाबाओं को लेकर उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में कुछ लोग साधु का रूप धारण कर मेला क्षेत्र में पहुंच जाते हैं। ऐसे लोगों की पहचान करना जरूरी है। अखाड़ा परिषद का प्रयास रहेगा कि फर्जी बाबाओं की पहचान कर उन्हें मेला क्षेत्र से बाहर किया जाए, ताकि वास्तविक साधु-संतों को उचित सम्मान और स्थान मिल सके।

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