Technology Desk – World Humanoid Robot Games : चीन रोबोटिक्स की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका एक बड़ा उदाहरण हाल ही में बीजिंग में आयोजित World Humanoid Robot Games में देखने को मिला। यहां Tianzhuo कंपनी के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ में 9.39 सेकंड का समय दर्ज किया।

इसे इंसानों के 100 मीटर के विश्व रिकॉर्ड से जोड़कर देखा जा रहा है। रोबोट ने 2009 में बर्लिन में 100 मीटर की दौड़ 9.58 सेकंड में पूरी की थी। हालांकि, रोबोट और इंसानों के रिकॉर्ड की तुलना सीधे तौर पर करना उचित नहीं है, क्योंकि दोनों के लिए प्रतियोगिता की परिस्थितियां अलग होती हैं।

चीन में तेजी से बढ़ रहा रोबोटिक्स बाजार

Robotics Center of Silicon Valley (RCSV) की रिपोर्ट के मुताबिक चीन का रोबोटिक्स बाजार तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन में इस साल रोबोटिक्स बाजार का आकार करीब 14.2 अरब डॉलर रहा है। इसमें एक साल में करीब 47 फीसदी की बढ़ोतरी बताई गई है। चीन सिर्फ रोबोट बनाने में ही आगे नहीं है, बल्कि रोबोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी कंपोनेंट्स का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन करता है।

दुनिया के सबसे ज्यादा औद्योगिक रोबोट चीन में

चीन में औद्योगिक रोबोट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल दुनियाभर में लगाए गए औद्योगिक रोबोटों में 70 फीसदी से ज्यादा चीन में लगाए गए। चीन में एक साल के दौरान करीब 2.76 लाख औद्योगिक रोबोट लगाए गए। इसके मुकाबले जापान में करीब 46 हजार और अमेरिका में करीब 35 हजार औद्योगिक रोबोट लगाए गए।

ह्यूमनॉइड रोबोट में भी चीन आगे

ह्यूमनॉइड रोबोट ऐसे रोबोट होते हैं, जिनका डिजाइन इंसानों जैसा होता है। इनमें आमतौर पर दो पैर और दो हाथ होते हैं और इन्हें इंसानों की तरह चलने और काम करने के लिए तैयार किया जाता है।

RCSV की रिपोर्ट के मुताबिक ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है। चीन की Unitree और AgiBot जैसी कंपनियां बड़े पैमाने पर ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार करने की दिशा में काम कर रही हैं। चीन ने 2027 तक करीब 1 लाख ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात करने का लक्ष्य भी रखा है। इसके लिए देश ने लंबी अवधि की योजना तैयार की है।

BYD, CATL और Foxconn से मिल रही मांग

चीन में रोबोटिक्स इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलने की एक बड़ी वजह वहां की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां भी हैं। BYD, CATL और Foxconn जैसी कंपनियों को अपने कारखानों में बड़ी संख्या में मशीनों और ऑटोमेशन सिस्टम की जरूरत होती है।

BYD इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली बड़ी कंपनी है, CATL बैटरी निर्माण के क्षेत्र में काम करती है और Foxconn इलेक्ट्रॉनिक सामान की मैन्युफैक्चरिंग के लिए जानी जाती है। इन कंपनियों की बड़ी उत्पादन क्षमता के कारण रोबोट और ऑटोमेशन सिस्टम की मांग भी लगातार बनी रहती है।

चीन में ही बन रहे ज्यादातर जरूरी पार्ट्स

चीन की रोबोटिक्स इंडस्ट्री को वहां की मजबूत सप्लाई चेन का भी फायदा मिल रहा है। मोटर, सेंसर, बैटरी, चिप, गियर और सॉफ्टवेयर जैसे कई जरूरी कंपोनेंट्स चीन में ही बनाए जा रहे हैं। चीन का Shenzhen शहर रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां कई जरूरी पार्ट्स आसानी से मिल जाते हैं। इससे कंपनियों को रोबोट के प्रोटोटाइप और नए मॉडल तैयार करने में कम समय लगता है।

चीन की इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने भी रोबोटिक्स सेक्टर को बढ़ने में मदद की है। ईवी और रोबोट दोनों में मोटर, गियर, बैटरी और सेंसर जैसे कई कंपोनेंट्स का इस्तेमाल होता है। ऐसे में ईवी इंडस्ट्री के लिए तैयार हुई सप्लाई चेन का फायदा रोबोटिक्स को भी मिला है।

चीन में बढ़ी रोबोट डेंसिटी

रोबोट डेंसिटी का मतलब है कि किसी देश की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में हर 10 हजार कर्मचारियों पर कितने औद्योगिक रोबोट काम कर रहे हैं। 2024 में चीन में हर 10 हजार कर्मचारियों पर करीब 392 रोबोट थे। 2019 में यह संख्या 187 थी। यानी कुछ वर्षों में रोबोट की संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई।

हालांकि, इस मामले में चीन अभी दक्षिण कोरिया से पीछे है। दक्षिण कोरिया में हर 10 हजार कर्मचारियों पर करीब 1,012 रोबोट हैं।

चीन ने विदेशी रोबोट पर निर्भरता घटाई

चीन की रोबोटिक्स इंडस्ट्री हमेशा से इतनी मजबूत नहीं थी। करीब 16 साल पहले चीन में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर रोबोट विदेशी कंपनियों से आते थे। अब स्थिति बदल रही है। 2025 में चीन में बिकने वाले औद्योगिक रोबोटों में करीब 40 फीसदी चीन में ही बनाए जा रहे थे। इससे घरेलू कंपनियों की बढ़ती क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

रोबोटिक्स में भारत की स्थिति

भारत भी रोबोटिक्स के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन चीन की तुलना में अभी काफी पीछे है। भारत का रोबोटिक्स बाजार करीब 2.14 अरब डॉलर का बताया गया है। औद्योगिक रोबोट की संख्या में भी दोनों देशों के बीच बड़ा अंतर है। 2024 में भारत में करीब 9,100 औद्योगिक रोबोट लगाए गए, जबकि चीन में यह संख्या करीब 2.76 लाख थी।

रोबोट डेंसिटी में भी भारत पीछे है। भारत में हर 10 हजार कर्मचारियों पर करीब 10 से 67 रोबोट होने का अनुमान है। दुनिया का औसत करीब 132 है, जबकि चीन में यह आंकड़ा 392 तक पहुंच चुका है।