Lifestyle Desk – त्योहारों का मौसम शुरू होते ही घरों में मिठाइयों और तरह-तरह के पकवानों की खुशबू फैल जाती है। मेहमानों की खातिरदारी से लेकर दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलने-जुलने तक, मिठाई त्योहारों का अहम हिस्सा होती है। ऐसे में मीठे से पूरी तरह दूरी बनाना ज्यादातर लोगों के लिए आसान नहीं होता। हालांकि, मिठाई खाने का मतलब यह नहीं है कि वजन बढ़ना तय है। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप कितनी मात्रा में, कितनी बार और किस तरह की मिठाई खा रहे हैं।

डायट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, त्योहारों के दौरान सबसे जरूरी है कि मिठाई को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के बजाय पोर्शन कंट्रोल यानी मात्रा पर ध्यान दिया जाए। अगर आप अपनी पसंदीदा मिठाई कम मात्रा में खाते हैं और पूरे दिन के खान-पान का संतुलन बनाए रखते हैं, तो कभी-कभार मिठाई का आनंद लिया जा सकता है।आइए जानते हैं कैसे इस दौरान मिठाई खाकर भी फिट रहें।
छोटी मात्रा में लें मिठाई
त्योहारों में एक साथ कई तरह की मिठाइयां सामने होती हैं और यहीं से ज्यादा खाने की शुरुआत होती है। एक साथ कई मिठाइयां चखने के बजाय अपनी पसंद की एक मिठाई चुनें और छोटी मात्रा में खाएं। उदाहरण के लिए, पूरी प्लेट मिठाई लेने के बजाय एक छोटा टुकड़ा पर्याप्त हो सकता है। धीरे-धीरे खाने से स्वाद का आनंद भी मिलता है और ज्यादा खाने की संभावना कम होती है।
मिठाई के साथ बाकी डाइट भी रखें संतुलित
अगर किसी दिन मिठाई खाई है तो बाकी भोजन को हल्का और संतुलित रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। खाने में सब्जियां, दाल, सलाद, दही और प्रोटीन से भरपूर चीजों को शामिल करें। त्योहार के नाम पर दिनभर भूखे रहकर रात में ज्यादा मिठाई या पकवान खाना भी सही रणनीति नहीं है। इससे ओवरईटिंग की संभावना बढ़ सकती है।
मिठाई चुनते समय सामग्री पर दें ध्यान
हर मिठाई एक जैसी नहीं होती। इनमें चीनी, घी, तेल, खोया, क्रीम और मेवे की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। त्योहारों के दौरान मिठाई खरीदते समय ताजी और भरोसेमंद जगह की मिठाई लेना जरूरी है। घर पर मिठाई बना रहे हैं तो चीनी और घी की मात्रा को जरूरत के अनुसार कम किया जा सकता है। हालांकि, कम चीनी वाली मिठाई का मतलब यह नहीं कि उसे असीमित मात्रा में खाया जा सकता है।
रोज मिठाई खाने से बचें
त्योहार कई दिनों तक चल सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर दिन और हर भोजन के बाद मिठाई खाई जाए। कोशिश करें कि मिठाई को रोज की आदत न बनने दें। जब भी मिठाई खाएं, उसे एक खास मौके या भोजन के बाद सीमित मात्रा में लेना बेहतर है।
फिजिकल एक्टिविटी भी रखें जारी
त्योहारों के दौरान व्यस्तता बढ़ने के कारण अक्सर एक्सरसाइज और वॉक का रूटीन बिगड़ जाता है। ऐसे में रोज कुछ समय पैदल चलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना या हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है। इससे शरीर एक्टिव रहेगा और त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली अतिरिक्त कैलोरी को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, त्योहारों में मिठाई से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ समझदारी से खाने की। पसंदीदा मिठाई का स्वाद लें, लेकिन मात्रा पर नियंत्रण रखें, भोजन को संतुलित रखें और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधि जारी रखें। इस तरह त्योहारों की मिठास का आनंद लेते हुए सेहत और वजन दोनों का ध्यान रखा जा सकता है।



