राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश के देवास जिला कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया जहां कुटुंब न्यायालय में पति पत्नी के बीच सालों से चल रहे प्रकरणों में 30 पति पत्नी के जोड़ों को एक करने में सफलता हासिल हुई। सालों से दूर रह रहे पति पत्नियों को एक होने का मौका मिला और कोर्ट परिसर में ही सभी ने एक दूसरे को पुनः वरमाला पहनाई जहां सभी जोड़ों का एक साथ जुलूस ढोल, ताशों की धुन पर निकाला गया, साथ ही अपने जीवन को पुनः एक करने को लेकर सभी जोड़ो को जिला कोर्ट के जजों ने पौधे भी वितरित किए और जोड़ों को एकसाथ इस पौधे को पेड़ बनने का संकल्प भी दिलवाया।

खुशी खुशी अपने घर आंगन पहुंचे

जुलूस में आगे आगे पति पत्नी हार पहने चल रहे थे और पीछे पीछे कोर्ट स्टाफ, वकील पुष्प वर्षा करते नजर आ रहे थे। वहीं कुटुंब न्यायालय प्रधान जिला न्यायाधीश माननीय जितेंद्र सिंह कुशवाहा की काउंसलिंग भी देखने को मिली जिसके फल स्वरूप 30 जोड़ो लंबे विवादों के बाद एक होते नजर आए। इस दौरान पति पत्नी के भावुक पल भी देखने को मिले और खुशी खुशी अपने घर के आंगन में पहुंचे।

पति पत्नी के बीच ईगो नहीं रहना चाहिए

कुटुंब न्यायाधीश माननीय जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि पति पत्नी के छोटे छोटे विवाद ईगो के चलते बढ़ते चले जाते है और कोर्ट तक पहुंच जाते है जितना हो सकें पति पत्नी के बीच ईगो नहीं रहना चाहिए और हर छोटी छोटी बातों पर आपस में डिसक्शन कर खत्म कर देना चाहिए जो कोर्ट की दहलीज तक ना जा सके।

जितेंद्र सिंह कुशवाह, प्रिंसिपल जज, फैमली कोर्ट, देवास

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