यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर स्थित कलेसर नेशनल पार्क में वन्यजीवों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। बीती रात वन मंडल अधिकारी (DFO) संदीप सैनी को जंगल क्षेत्र में एक तेंदुआ दिखाई दिया। उन्होंने इसे जंगल के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध जैव विविधता का सकारात्मक संकेत बताया।

कलेसर बना वन्यजीवों का सुरक्षित ठिकाना

DFO संदीप सैनी ने बताया कि कलेसर के जंगलों में वर्तमान में एक बाघ, करीब 40 तेंदुए, 15 हाथी, सांभर सहित कई दुर्लभ वन्यजीव मौजूद हैं। जंगल की प्राकृतिक परिस्थितियां और पर्याप्त जल स्रोत वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहे हैं।

सड़क पर दिखे वन्यजीव तो न करें शोर-शराबा

कलेसर नेशनल पार्क के बीच से गुजरने वाली यमुनानगर-पांवटा सड़क पर अक्सर हाथियों और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही रहती है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि सड़क पर कोई वन्यजीव दिखाई दे तो वाहन रोककर धैर्य रखें, हॉर्न न बजाएं और शोर-शराबा न करें।

अधिकारियों के अनुसार, जंगली जानवर सामान्यतः तब तक हमला नहीं करते जब तक उन्हें किसी प्रकार का खतरा महसूस न हो। इसलिए वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।

110 साल बाद लौटी वन्यजीवों की समृद्ध दुनिया

कलेसर नेशनल पार्क अब हाथी, तेंदुआ, बाघ, सांभर, खरगोश, अजगर और कोबरा जैसे वन्यजीवों का महत्वपूर्ण आवास बन चुका है। वन विभाग ने पार्क के भीतर कई स्थानों पर जल स्रोत भी विकसित किए हैं, जिससे वन्यजीवों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।

2023 में कैमरे में कैद हुआ था बंगाल टाइगर

गौरतलब है कि वर्ष 1913 के बाद पहली बार वर्ष 2023 में कलेसर जंगल में Bengal Tiger की मौजूदगी दर्ज की गई थी। जंगल में लगाए गए कैमरा ट्रैप में बाघ की तस्वीर कैद हुई थी, जिसने कलेसर को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया था।

वन विशेषज्ञों का मानना है कि कलेसर में लगातार बढ़ती वन्यजीव गतिविधियां इस बात का प्रमाण हैं कि यह क्षेत्र उत्तर भारत के महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारों में तेजी से विकसित हो रहा है।