Bihar news: मोकामा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ट्रेन में चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर चोर ने पुलिस को चकमा देने के लिए अजीबोगरीब तरीका अपनाया। उसने बचने के लिए टीटीई का वेश तो धारण कर लिया, लेकिन उसकी एक गलती ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
टीटीई बनकर करने लगा टिकटों की जांच
रविवार रात किऊल स्टेशन से आरपीएफ अधिकारियों और जवानों की एक टीम कोलकाता से गाजीपुर सिटी जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन में सवार हुई थी। इस टीम में किऊल आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार और मोकामा आरपीएफ इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार यादव सहित अन्य बल शामिल थे। किऊल से ट्रेन के खुलते ही स्लीपर कोच में सफर कर रहे फुलवारीशरीफ निवासी व्यवसायी राजीव कुमार का बैग चोरी हो गया। यात्रियों को चोरी की भनक न लगे, इसके लिए शातिर बदमाश अमित कुमार उर्फ मनीष ने टीटीई की भूमिका निभानी शुरू कर दी। वह कोच में घूम-घूमकर यात्रियों से टिकट मांगने लगा।
असली पुलिस अफसर से ही मांग बैठा टिकट
हद तो तब हो गई जब शातिर बदमाश ने सादे लिबास में ट्रेन की सुरक्षा में तैनात आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार से ही टिकट दिखाने को कह दिया। इंस्पेक्टर ने उसकी इस हरकत को भांप लिया और उस पर शक गहरा गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उसकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी।
हाथीदह जंक्शन के पास हुआ गिरफ्तार
जैसे ही ट्रेन हाथीदह जंक्शन के पास धीमी हुई, बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर भागने की कोशिश करने लगा। हालांकि, पहले से सतर्क रेल पुलिस के जवानों ने तुरंत उसका पीछा किया और उसे दबोच लिया। आरोपी मूल रूप से लखीसराय जिले के बड़हिया का रहने वाला है।
बरामदगी: तलाशी के दौरान उसके पास से 73 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, दो आरक्षित टिकट, एक काला बैग, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई
हाथीदह रेल थानाध्यक्ष मुनेन्द्र कुमार और मोकामा आरपीएफ इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि पर्व-त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है ताकि उसके अन्य साथियों का भी पता लगाया जा सके।



