शिखिल ब्यौहार, भोपाल। राजधानी भोपाल के अयोध्या बायपास को आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 836.91 करोड़ रुपए से 10 लेन में बदल रहा है। यह 16 किलोमीटर लंबा है। इस प्रोजेक्ट में कुल 7871 पेड़ काटे जाने हैं। जो 40 से 80 साल तक के हैं। इस का विरोध भी शुरू हो गया है।
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लोगों को कहना है कि अत्याधुनिक तकनीक के इस दौर में कई विकल्प मौजूद है फिर भी निर्माण एजेंसियां मनमानी कर रही है। पेड़ों को ट्रांसप्लांट भी किया जा सकता था, लेकिन यह भी नहीं किया जा रहा है। रोजाना सैकड़ो पेड़ों की कटाई जारी है। इसका विरोध भी शुरू हो गया है।
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वनस्पति विज्ञान के तथ्य बताते हैं कि 7000 पेड़ 1 साल में 700 तन शुद्ध ऑक्सीजन देते हैं जो की 28000 स्वस्थ लोगों के लिए पर्याप्त होती है। लेकिन, अक्सर पेड़ कटाई के नाम पर धांधली करने वाली सरकारी निर्माण एजेंसी अत्याधुनिक तकनीक से पल्ला झाड़ मनमानी करती है। इसका एक और उदाहरण राजधानी भोपाल में दिखाई दे रहा है। बता दे कि बीते 15 सालों में भोपाल से 42% से ज्यादा हरियाली को विकास के नाम पर तय की गई शर्तों के उल्लंघन के साथ खत्म किया गया।

