भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। डिस्कवरी की आगामी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश जरूरत पड़ने पर जोखिम उठाने और कड़ा जवाब देने में सक्षम है।

‘भारत जोखिम उठा सकता है और कड़ा प्रहार कर सकता है’

ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने पहले इंटरव्यू में अजीत डोभाल ने कहा कि दुनिया के लिए भारत का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है, भारत कड़ा प्रहार कर सकता है, चाहे नतीजे कुछ भी हों।” डोभाल के मुताबिक, 88 घंटे तक चले सैन्य अभियान का प्रमुख उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था, जो पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े थे।

ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार सामने आएंगे अहम फैसले

डिस्कवरी के अनुसार, दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री में भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व के अनुभवों को सामने रखा गया है। इसमें उन अधिकारियों के प्रत्यक्ष अनुभव शामिल होंगे, जिन्होंने भारत की जवाबी सैन्य कार्रवाई की निगरानी की।

डॉक्यूमेंट्री में अजीत डोभाल ऑपरेशन के दौरान लिए गए रणनीतिक फैसलों और भारत के संकल्प के बारे में विस्तार से बात करते नजर आएंगे। ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी और Discovery+ पर होगा।

क्यों शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर?

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए सटीक सैन्य कार्रवाई की।

इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भी हमले किए गए, जिनका भारत ने जवाब दिया। दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देशों के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य तनाव चला और 10 मई की शाम समझौते के बाद कार्रवाई थमी। ऑपरेशन सिंदूर की यह डॉक्यूमेंट्री भारत की सैन्य रणनीति, निर्णय प्रक्रिया और आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति पर एक महत्वपूर्ण नजरिया पेश करने वाली है।

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