संजय वाणी, आलीराजपुर। जिले में इस साल कम बारिश के चलते किसानों के सामने फसल बचाने का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों की समस्या को लेकर कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान भी सैकड़ों किसानों के साथ भाजपा कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान किसानों ने खेतों में पानी की कमी और फसलों पर मंडरा रहे संकट की जानकारी दी।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद मंत्री नागर सिंह चौहान किसानों के बीच जमीन पर बैठ गए। उन्होंने किसानों से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से मौके पर ही चर्चा की। कुछ देर बाद कलेक्टर नीतू माथुर भी मौके पर पहुंचीं। कलेक्टर ने भी औपचारिक बैठक के बजाय किसानों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं।
किसानों ने बताई पानी की समस्या, फसल बचाने की मांग
किसानों ने बताया कि कम बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध नहीं है। कई क्षेत्रों में फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं। किसानों की सबसे बड़ी मांग खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की रही। किसानों ने प्रशासन से जल्द पानी उपलब्ध कराने के साथ ही कम बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए राहत देने की मांग भी रखी।
कलेक्टर का आश्वासन- तीन दिन में 84 गांवों में शुरू होगा नर्मदा का पानी
किसानों की समस्याएं सुनने के बाद कलेक्टर नीतू माथुर ने उन्हें राहत का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि तीन दिन के भीतर 84 गांवों में नर्मदा का पानी शुरू कर दिया जाएगा। नर्मदा का पानी शुरू होने के बाद किसान इसका उपयोग खेतों में सिंचाई के लिए कर सकेंगे। प्रशासन के इस आश्वासन से किसानों को सूखने की कगार पर पहुंच चुकी फसलों को बचाने की उम्मीद जगी है। कलेक्टर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और पानी की उपलब्धता को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री की मांग- आलीराजपुर को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव भेजें
वहीं मंत्री नागर सिंह चौहान ने जिले में कम बारिश की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर से बड़ी मांग की। मंत्री ने कहा कि आलीराजपुर जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव तैयार कर भोपाल भेजा जाए। उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। ऐसे हालात में किसानों को राहत दिलाने के लिए शासन स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई की जरूरत है। मंत्री ने कलेक्टर से जिले की स्थिति का आकलन कर सूखाग्रस्त घोषित किए जाने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने और उसे भोपाल भेजने की मांग की।
किसानों के बीच जमीन पर बैठे मंत्री-कलेक्टर
कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय अलग माहौल नजर आया, जब मंत्री नागर सिंह चौहान और कलेक्टर नीतू माथुर किसानों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते दिखाई दिए। किसानों ने एक-एक कर अपनी परेशानी बताई। मंत्री ने किसानों की बात सुनने के बाद अधिकारियों के सामने उनकी समस्याओं को रखा, जबकि कलेक्टर ने पानी की व्यवस्था को लेकर तीन दिन के भीतर 84 गांवों में नर्मदा का पानी शुरू करने का आश्वासन दिया।
अब तीन दिन के आश्वासन पर किसानों की नजर
कम बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल को बचाना किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। प्रशासन की ओर से 84 गांवों में तीन दिन के भीतर नर्मदा का पानी शुरू करने का आश्वासन मिलने के बाद अब किसानों की नजर इस व्यवस्था पर है। यदि तय समय में पानी खेतों तक पहुंचता है तो किसानों को सूखती फसलों को बचाने में बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव भोपाल भेजे जाने की मांग के बाद अब आगे की कार्रवाई शासन स्तर पर होने की उम्मीद है।

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