सुमन चौहान, करनाल। उपनिदेशक कृषि डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि गत दिवस सीएम फ्लाइंग स्क्वायड व कृषि तथा किसान कल्याण विभाग करनाल द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए मैसर्ज इफको-ई-बाजार लिमिटेड के गोदामों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया की मैसर्ज इफको ई-बाजार लिमिटेड द्वारा विभिन्न प्रकार के खाद जैसे ह्यूमिक पावर, ह्यूमिक इफको, सागरिका, जिंक सल्फेट, सल्फर आदि का भण्डारण व बिक्री अवैध रूप से की जा रही थी।

मौके पर उपरोक्त खादों का भण्डारण व खाद की बिक्री इत्यादि बिना लाइसेंस के की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कम्पनी के पास स्टॉक रजिस्टर, बिल बुक इत्यादि कागजात मौजूद नहीं थे व कम्पनी द्वारा अवैध रूप से खादों व दवाइयों का भण्डारण मैसर्ज मोहन इन्टरप्राईजेज नजदीक शिव मंदिर, हांसी रोड करनाल द्वारा उपलब्ध करवाये गये गोदाम में पाये गये थे।


उन्होंने बताया कि सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड के अधिकारियों व सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी करनाल अनिल कुमार, गुण नियंत्रण निरीक्षक करनाल सुनील कुमार, विषय विशेषज्ञ (पी0पी0) करनाल अमरजीत सिंह टीम में शामिल रहे। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 व फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस चौकी, सदर बाजार, करनाल में मुकदमा न0 344 दर्ज करवा दिया गया है जिस पर पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जा रही है।

डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिला में खरीफ सीजन में लगभग 5,30,000 एकड़ में विभिन्न फसलों की कास्त की जाती है जिसमें लगभग 4,45,000 एकड़ में धान की फसल, 42,000 एकड़ में गन्ना व 38,000 एकड़ में अन्य दूसरी फसलों की बिजाई की जाती है। इन सभी खरीफ फसलों के लिए जिला में लगभग 1,05,000 एम0टी0 यूरिया व 20,000 एम0टी0 डी0ए0पी की आवश्यकता होती है।

उन्होंने बताया कि जिला 26 मई को लगभग 22,000 एम0टी0 यूरिया व 3000 एम0टी0 डी0ए0पी का स्टॉक उपलब्ध है व जिला में भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार यूरिया व डी0ए0पी खाद का 40 प्रतिशत सहकारी समितियों के माध्यम से वितरण किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि सभी खाद विक्रेताओं को हिदायत दी जाती है कि खाद किसी भी पड़ोसी राज्य/जिला में न भेजा जाये। खाद के उपलब्ध स्टॉक व पोस मशीन के स्टॉक का सही मिलान किया जाये। प्रत्येक विक्रेता के परिसर में खाद का स्टॉक व मूल्य का प्रदर्शन किया जाये।

खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी न की जाये तथा खाद के साथ अन्य गैर सब्सिडी वाले उत्पाद न बेचे जायें। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में कालाबाजारी, जमाखोरी की रोकथाम के लिए अभी तक 55 खाद विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है।

अनियमितताएं पाये जाने पर तक 3 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किये जा चुके हैं व 10 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलम्बित किये जा चुके हैं। समय-समय पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा खाद विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया जायेगा।

अगर किसी भी विक्रेता की दुकान पर किसी भी प्रकार की खामी पाई जाती है या कोई विक्रेता खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी व खाद के साथ अन्य किसी उत्पाद को लगाकर बेचता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। सभी किसानों से अनुरोध है कि खाद, बीज व दवाइयां लेते समय खरीद बिल जरूर प्राप्त करें।

उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने किसानों से अनुरोध किया कि खरीफ 2026 की फसलों का ‘‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’’ पोर्टल पर पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। सरकार की हिदायतों अनुसार खाद ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’पंजीकरण के उपरांत किसान अपनी आवश्यकता अनुसार खाद पीओएस मशीन के माध्यम से ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जिला में खाद की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। खाद से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के निवारण के लिए किसान सम्बंधित खण्ड कृषि अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं।