Business Desk – Adani Enterprises Q1 Results : अडाणी एंटरप्राइजेज को अमेरिकी एजेंसी को 2,644 करोड़ रुपए का सेटलमेंट भुगतान करने की वजह से जून तिमाही में 1,160 करोड़ रुपए का नेट लॉस हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 885 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।

भले ही कंपनी को इस तिमाही में घाटा हुआ हो, लेकिन उसके कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 50% बढ़ गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 21,961 करोड़ रुपए था।

घाटे की सबसे बड़ी वजह क्या रही?

कंपनी के मुताबिक, इस तिमाही में घाटे की सबसे बड़ी वजह 2,644 करोड़ रुपए का एकमुश्त (वन-टाइम) सेटलमेंट भुगतान रहा। यह राशि अमेरिकी एजेंसी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) को चुकाई गई। इसी एक बार के बड़े खर्च की वजह से कंपनी का मुनाफा घटकर घाटे में बदल गया।

कोर बिजनेस में बनी रही मजबूती

कंपनी का कहना है कि सेटलमेंट भुगतान का असर केवल तिमाही के मुनाफे पर पड़ा है। इसके बावजूद उसके मुख्य कारोबार (कोर बिजनेस) का प्रदर्शन मजबूत रहा और विभिन्न बिजनेस सेगमेंट में ग्रोथ दर्ज की गई।

क्या है OFAC?

ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की वित्तीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी है। यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के तहत आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को लागू करने और उनकी निगरानी का काम करती है।

1988 में हुई थी कंपनी की शुरुआत

अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की स्थापना 1988 में गौतम अडाणी ने की थी। यह अडाणी समूह की प्रमुख कंपनी है। कंपनी के चेयरमैन गौतम अडाणी, मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अडाणी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विनय प्रकाश हैं।

इन सेक्टर्स में कारोबार करती है कंपनी

अडाणी एंटरप्राइजेज ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स, कंज्यूमर गुड्स और प्राइमरी इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी खुद को देश का सबसे बड़ा बिजनेस इनक्यूबेटर भी बताती है।