उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 18 सितंबर को देहरादून में कांग्रेस द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों का करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है और वह झूठ के आधार पर राजनीति कर रहा है.

देहरादून. 18 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया. आगामी 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर सीएम ने कहा कि विपक्षी दल पूरी तरह से बौखला चुका है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के पास जमीनी मुद्दों की कमी है और उसके सभी दावे आधारहीन हैं.

पावर प्लांट और बिजली करार

छत्तीसगढ़ स्थित उत्तराखंड कोल पावर प्लांट को लेकर दिल्ली में कांग्रेस द्वारा की गई प्रेस वार्ता पर सीएम धामी ने पलटवार किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय हुए समझौतों के कारण राज्य को 31 से 32 रुपये प्रति यूनिट की महंगी दर पर बिजली खरीदनी पड़ रही है. वर्तमान में दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखकर पारदर्शी प्रक्रिया से नया समझौता किया गया है, जिससे उत्तराखंड को सस्ती बिजली उपलब्ध होगी.

भूमि बिक्री के आरोपों का खंडन

यूआईआईडीबी (उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड) के माध्यम से लगभग सात हजार बीघा सरकारी जमीन बेचे जाने के कांग्रेस के आरोप पर मुख्यमंत्री ने स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि बोर्ड का गठन राज्य में निवेश, रोजगार और पर्यटन को गति देने के लिए किया गया है. केंद्र सरकार और नीति आयोग की नियमावली के तहत कार्य हो रहा है, और अभी तक बोर्ड को 45 एकड़ जमीन भी स्थानांतरित नहीं हुई है.

अंकिता भंडारी मामले पर प्रतिक्रिया

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के पहले दिन से ही कड़े कदम उठाए गए थे. उसी का परिणाम है कि तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है. उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश भी की गई थी, लेकिन विपक्ष इस दुखद मामले का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है.