Nandigram By-Election: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर चुनावी माहौल उस समय गरमा गया, जब कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई, जब कुछ घंटे पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया था। इस घटनाक्रम को लेकर ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है।

ममता बनर्जी ने गिरफ्तारी की टाइमिंग पर उठाए सवाल

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की “बदले की भावना” और “अत्याचार की राजनीति” के पीछे एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई देता है।

ममता ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी उस वक्त हुई, जब टीएमसी ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा की थी। उन्होंने इसे पुराने मामलों को दोबारा सामने लाकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया।

कांग्रेस का बीजेपी और चुनाव आयोग पर आरोप

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने भी बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस के मुताबिक, पहले टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान पर दबाव बनाकर उनका नामांकन वापस करवाया गया और इसके बाद कांग्रेस उम्मीदवार को 19 साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर घटना बताते हुए कहा कि वह इन घटनाक्रमों से पीछे नहीं हटेगी।

नंदीग्राम में तेजी से बदले सियासी समीकरण

नंदीग्राम में शुक्रवार को घटनाक्रम तेजी से बदला। टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। इसके कुछ ही घंटे बाद उनकी गिरफ्तारी ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया।

इस बीच, चुनाव आयोग की ओर से टीएमसी से जुड़े नाम और चुनाव चिह्न को लेकर लिए गए फैसलों ने भी राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है। नंदीग्राम उपचुनाव से पहले हुए इन घटनाक्रमों ने मुकाबले को और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना दिया है।

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