आगरा में किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने डीएपी की कमी और बाजरा की सरकारी खरीद नहीं होने के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, इस दौरान पुलिस से नोकझोंक हुई. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश के जिलों में डीएपी की कमी से इनकार किया.
आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में बुधवार को कमिश्नरी सभागार परिसर में किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने डीएपी खाद की कथित कमी और बाजरा की सरकारी खरीद नहीं होने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई. इसी परिसर में आगरा, अलीगढ़ और बरेली मंडल की रबी उत्पादकता गोष्ठी आयोजित की गई थी, जिसमें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही शामिल होने पहुंचे थे.
डीएपी की कमी पर आमने-सामने
प्रदेश में डीएपी की उपलब्धता को लेकर सवाल पूछे जाने पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कमी के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के हर जिले में डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और कहीं भी इसकी कमी नहीं है. मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांगों को गलत बताया.

दूसरी ओर, किसान कांग्रेस नेता मुकेश डागुर ने आरोप लगाया कि जिले में किसान डीएपी के लिए परेशान हो रहे हैं और अधिकारियों से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है. उनके मुताबिक, सरसों की बुवाई जारी है और आलू व गेहूं की बुवाई की तैयारी के बीच किसानों को खाद की उपलब्धता में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बाजरा खरीद को लेकर नाराजगी
मुकेश डागुर ने आरोप लगाया कि बाजरा की सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन जिले में खरीद नहीं हो रही है. उन्होंने दावा किया कि किसानों से बाजरा कम कीमत पर खरीदा जा रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों की आवाज दबाई जा रही है और उनके साथ अभद्रता व धक्का-मुक्की की जा रही है. किसान कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को समय पर डीएपी नहीं मिली, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे.
तीन मंडलों की गोष्ठी
कमिश्नरी सभागार में आयोजित रबी उत्पादकता गोष्ठी में आगरा, अलीगढ़ और बरेली मंडल के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी और उन्नतशील किसान शामिल हुए. इसी दौरान किसान कांग्रेस के कार्यकर्ता किसानों की समस्याएं लेकर कृषि मंत्री से मिलने पहुंचे थे.

