आगरा. आगरा में UGC के विरोध में रविवार (20 सितंबर 2026) को सवर्ण समाज के करीब 1500 युवक 200 ट्रैक्टरों के साथ सड़क पर उतर आए. यूजीसी मुक्ति मोर्चा के आह्वान पर प्रदर्शनकारी मुड़ी चौराहा से कलेक्ट्रेट का घेराव करने निकले थे. पुलिस और PAC ने उन्हें रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग के साथ बुलडोजर, जेसीबी और क्रेन तैनात की थी. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कई रास्तों से आगे बढ़ गए और यमुना एक्सप्रेस-वे तक पहुंचकर जाम लगा दिया.

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20 दिन में तीसरा बड़ा प्रदर्शन

आगरा में UGC के विरोध में सितंबर में यह तीसरा बड़ा प्रदर्शन है. इससे पहले 1 सितंबर को क्षत्रिय सभा के बैनर तले बाइक रैली निकाली गई थी. इसके बाद 18 सितंबर को सवर्ण समाज और सिस्टम सुधार संगठन ने ट्रैक्टर मार्च किया था. दोनों प्रदर्शनों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी.

बुलडोजर लगाकर पुलिस ने रोका रास्ता

रविवार सुबह मुड़ी चौराहा पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी और ट्रैक्टर जुटे. पुलिस और PAC ने रास्ते बंद कर दिए थे. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए नादऊ चौराहा के पास जेसीबी और अन्य भारी मशीनें लगाई गईं. पुलिस की नाकेबंदी के बावजूद भीड़ खेतों और दूसरे रास्तों से आगे बढ़ने लगी.

बैरियर तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी

दोपहर करीब 12 बजे प्रदर्शनकारी पुलिस की ओर से लगाए गए अवरोध के पास पहुंच गए. कुछ लोग बुलडोजर पर चढ़कर आगे बढ़ने लगे. पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए पीछे दौड़े. करीब 300 मीटर आगे पुलिस ने दोबारा बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोकने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई.

यमुना एक्सप्रेस-वे पर लगाया जाम

पुलिस की रोक के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी यमुना एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गए और सड़क के बीच खड़े होकर वाहनों को रोक दिया. इससे एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की कतार लग गई. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क खाली कराई. इसके बाद प्रदर्शनकारी दूसरे रास्तों से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे. पुलिस ने पीछा कर कई जगह उन्हें रोका और कुछ स्थानों पर लाठी फटकारकर भीड़ को पीछे किया.

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शनिवार शाम से जुटने लगी थी भीड़

यूजीसी मुक्ति मोर्चा ने रविवार को कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी दी थी. इसके चलते शनिवार देर शाम से ही प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर मुड़ी चौराहा पर जुटने लगे थे. रविवार को पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और कई रास्तों पर नाकेबंदी की. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग खेतों और वैकल्पिक रास्तों से आगे निकल गए. फिलहाल प्रदर्शनकारी वापस लौट गए हैं. हालांकि पुलिस अब भी पहरे पहल लगी है.