नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अयोध्या के कंडेला गांव पहुंचकर रामलगन मौर्य के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली. उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिया और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की.
अयोध्या. रविवार को भीम आर्मी के संस्थापक और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पहुंचे. उन्होंने पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कंडेला गांव में बमबाजी और गोलीकांड में जान गंवाने वाले रामलगन मौर्य के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली.
चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. मुलाकात के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की.
जमीन विवाद में वारदात
जमीन विवाद से जुड़ी इस घटना में रामलगन मौर्य और उनकी मां की मौत हुई थी. घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पीएसी की तैनाती की गई थी, वहीं मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई थीं.
परिजनों से मुलाकात के बाद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति की गंभीरता अधिक स्पष्ट होती है. उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले दावों का हवाला देते हुए अयोध्या में हुई हत्या पर सवाल उठाया.
आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि हमले से पहले आरोपियों ने 15 दिन की मोहलत देने की बात कही थी और इसके बाद बम तथा गोलियों से हमला किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि रामलगन के शरीर में 17 गोलियां मिलीं और चार जिंदा बम बरामद हुए.
उनके मुताबिक, आरोपियों की ओर से खुलेआम वीडियो जारी कर चुनौती दिए जाने के बावजूद प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए थी. आजाद ने घटना को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की.
परिवार की मदद का मुद्दा
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि रामलगन मौर्य का परिवार बेहद गरीब है और परिवार के मुखिया की मौत के बाद उसके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने दावा किया कि प्रशासन की ओर से परिवार को अपेक्षित मदद नहीं मिली.
उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए प्रशासन से मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की. चंद्रशेखर आजाद ने जिला प्रशासन को 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम भी दिया है.



