मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले स्थित पूराकलंदर थाना क्षेत्र का कंडेला गांव इस वक्त डर, चीख-पुकार और मातम के साए में है. हाल ही में हुए भीषण बमबारी और ताबड़तोड़ गोलीबारी के खूनी संघर्ष ने पूरे इलाके को दहलाकर रख दिया है. इस जघन्य वारदात में प्राण गंवाने वाले मृतक राम लगन मौर्य के अत्यंत शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करने आज अयोध्या के दौरे के दूसरे दिन आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद कंडेला गांव पहुंचे. चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया, गहरा शोक व्यक्त किया और इस कठिन घड़ी में हर संभव कानूनी व सामाजिक मदद देने का सख्त भरोसा दिलाया.

घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस खूनी हमले में सिर्फ राम लगन मौर्य की ही जान नहीं गई, बल्कि वारदात के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई उनकी वृद्ध मां ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. एक ही परिवार के दो सदस्यों की दर्दनाक मौत के बाद से पूरे कंडेला गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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पीड़ित परिवार की नारकीय स्थिति और बदहाली को देखकर सांसद चंद्रशेखर आजाद भावुक और आक्रोशित नजर आए. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “दूर से देखने पर कई बातें अलग लगती हैं, लेकिन जब आप जमीन पर आकर अपनी आंखों से देखते हैं तो हकीकत कुछ और ही बयां करती है. पीड़ित परिवार का जर्जर घर और उनकी आर्थिक बदहाली देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. यह परिवार अत्यंत गरीबी और असहाय स्थिति से जूझ रहा है और ऊपर से अपराधियों ने इनसे इनका सबकुछ छीन लिया.

प्रशासनिक शिथिलता और स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही पर कड़ा प्रहार करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जब दबंग और अपराधी खुलेआम हत्याओं की धमकियां दे रहे हों और पुलिस मूकदर्शक बनी रहे, तो ऐसी व्यवस्था को क्या कहा जाए? आजाद ने पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कहा, “अपराधियों ने बेखौफ होकर खुलेआम चुनौती दी थी कि ‘पुलिस हमारा कुछ नहीं करेगी, जो करना है हम करेंगे.’ यही नहीं, अपराधियों ने 15 दिनों के भीतर राम लगन को जान से मारने की सार्वजनिक घोषणा तक की थी. इसके बावजूद स्थानीय पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और मामले को रत्ती भर भी गंभीरता से नहीं लिया. अगर पुलिस समय रहते सजग हो जाती और आरोपियों पर कार्रवाई करती, तो आज इस बेबस परिवार के दो चिराग यूं बेवजह न बुझते.

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​चंद्रशेखर आजाद की प्रमुख मांगें की,​दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई,​अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और ​आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा दी जाए. बता दें कि ​गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन आजाद समाज पार्टी के प्रमुख के इस दौरे ने स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है. अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में अपराधियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर क्या सख्त कदम उठाता है.