गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद में सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने शहर के संवेदनशील इलाकों में अचानक छापेमारी की। इस दौरान बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे 61 लोगों को पकड़ा गया।

जांच में पता चला कि ये सभी लोग मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं। इनके पास भारत में रहने के कोई वैध कागजात नहीं मिले। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन सभी को हिरासत में ले लिया। अब इन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

संवेदनशील इलाकों में हुई छापेमारी

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI – Press Trust of India) के अनुसार खुफिया जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीमों का गठन किया गया। क्राइम ब्रांच की कई टीमों ने एक साथ अलग-अलग इलाकों में दबिश दी।

इस अभियान का मकसद अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान करना था। त्योहारों के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

पहले भी हो चुके हैं बड़े ऑपरेशन

अहमदाबाद में अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी पुलिस कई बार बड़े अभियान चला चुकी है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी कार्रवाई हुई थी। तब चंडोला झील के पास से 200 से अधिक बांग्लादेशियों को पकड़ा गया था।

इसके बाद अक्टूबर 2025 में भी एक बड़ा ऑपरेशन चलाया गया था। सोला इलाके के किराए के मकानों से 17 बांग्लादेशी महिलाएं पकड़ी गई थीं। वे अपनी पहचान छिपाकर रह रही थीं। अहमदाबाद पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है।

सीमा पार घुसपैठ एक बड़ी चुनौती

भारत और बांग्लादेश की सीमा काफी लंबी और संवेदनशील है। दोनों देशों के बीच 4,096.7 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। इस सीमा से अवैध घुसपैठ की घटनाएं सामने आती रहती हैं। यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में आंकड़े पेश किए थे। 12 मार्च 2025 को दी गई जानकारी के अनुसार कई गिरफ्तारियां हुईं। जनवरी 2024 से जनवरी 2025 के बीच 2,601 बांग्लादेशी पकड़े गए। इसमें सबसे ज्यादा 331 गिरफ्तारियां अक्टूबर 2024 में दर्ज की गई थीं।

कानूनी प्रक्रिया की गई तेज

हिरासत में लिए गए सभी 61 नागरिकों से पूछताछ की जा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम उनके लोकल नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। यह देखा जा रहा है कि वे किसकी मदद से शहर में रह रहे थे।

स्थानीय प्रशासन डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने में जुटा है। संबंधित एजेंसियों और दूतावास से संपर्क साधा जा रहा है। अहमदाबाद पुलिस ने मकान मालिकों को भी बिना पुलिस वेरिफिकेशन किराएदार न रखने की सलाह दी है।

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