Technology Desk : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने, कंटेंट बनाने या फोटो तैयार करने तक सीमित नहीं है। सैन फ्रांसिस्को में चल रहे एक प्रयोग ने AI की बढ़ती भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यहां Andon Market नाम का एक रिटेल स्टोर AI एजेंट Luna की मदद से चलाया जा रहा है। Luna स्टोर के कई काम संभालती है, जिसमें कर्मचारियों को मैनेज करना भी शामिल है।

Andon Labs के इस प्रयोग में AI ने कर्मचारियों की शिफ्ट, स्टोर संचालन और दूसरी व्यवस्थाओं से जुड़े फैसले लिए। कंपनी का कहना है कि Luna ने एक कर्मचारी के प्रदर्शन और अटेंडेंस से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने के बाद उसे नौकरी से हटाने की सिफारिश की।

AI ने कैसे संभाली स्टोर की जिम्मेदारी?

Andon Market को Andon Labs ने सैन फ्रांसिस्को के Cow Hollow इलाके में एक वास्तविक रिटेल स्टोर के तौर पर शुरू किया है। कंपनी ने स्टोर का संचालन एक AI एजेंट Luna को सौंपा है। Luna को इंटरनेट, ईमेल, बैंकिंग, इन्वेंट्री, कैमरा और दूसरे जरूरी डिजिटल टूल्स तक पहुंच दी गई है।

कंपनी के मुताबिक Luna ने स्टोर के लिए कर्मचारियों की भर्ती भी की थी। शुरुआत में उसने नौकरी के आवेदन देखे, उम्मीदवारों से इंटरव्यू किए और कर्मचारियों का चयन किया। यानी प्रयोग में AI सिर्फ किसी इंसानी मैनेजर को सलाह देने तक सीमित नहीं था, बल्कि उसे स्टोर के संचालन में काफी ज्यादा स्वायत्तता दी गई थी।

कर्मचारी की अटेंडेंस बनी बड़ी वजह

रिपोर्ट के मुताबिक जिस कर्मचारी को नौकरी से हटाने का फैसला लिया गया, उसकी अटेंडेंस को लेकर समस्या थी। वह कई शिफ्ट में समय पर नहीं पहुंच रहा था। AI मैनेजर ने कर्मचारी के अटेंडेंस रिकॉर्ड और काम से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण किया। इसके बाद उसके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे और कर्मचारी को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि Luna ने शुरुआत में कर्मचारी को तुरंत नौकरी से निकालने का फैसला नहीं लिया था।

शुरुआत में काफी नरम थी Luna

Andon Labs के प्रयोग से सामने आया कि AI मैनेजर का व्यवहार शुरुआत में काफी नरम था। कंपनी ने Luna को कर्मचारियों की अटेंडेंस से जुड़ी पॉलिसी दी थी, लेकिन AI की मेमोरी और संदर्भ बनाए रखने की सीमाओं के कारण वह हमेशा पिछली जानकारी को सही तरीके से याद नहीं रख पाती थी।

Andon Labs की अपनी जानकारी के मुताबिक, Luna को शेड्यूलिंग में भी कई बार दिक्कत हुई। कभी-कभी वह पुराने संदर्भ से बाहर हो चुके शेड्यूल की जगह विरोधाभासी शेड्यूल तैयार कर देती थी। कंपनी ने इन समस्याओं को संभालने के लिए अलग शेड्यूलिंग एजेंट का इस्तेमाल किया।

AI के फैसलों में इंसानी दखल भी रहा

कर्मचारी को नौकरी से निकालने का फैसला पूरी तरह AI के अपने स्तर पर लिया गया था, ऐसा कहना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कंपनी के एक वरिष्ठ व्यक्ति ने Luna से कर्मचारी की उपयुक्तता को लेकर सवाल किया। इसके बाद AI ने उपलब्ध डेटा को दोबारा देखा और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। यानी इस मामले में AI ने फैसला तैयार करने में भूमिका निभाई, लेकिन इंसानी निगरानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी।

यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Andon Labs खुद अपने प्रयोग को AI की क्षमताओं और सीमाओं को समझने के लिए किया गया नियंत्रित प्रयोग बताती है। कंपनी का कहना है कि मौजूदा कर्मचारियों की नौकरी और वेतन को सिर्फ AI के फैसले पर निर्भर नहीं किया गया है और उन्हें औपचारिक रोजगार सुरक्षा मिली हुई है।

AI को क्यों दिए गए इतने अधिकार?

Andon Labs का उद्देश्य यह देखना है कि जब AI एजेंट को वास्तविक दुनिया में पैसा, डिजिटल टूल्स और बिजनेस से जुड़े फैसले लेने की क्षमता दी जाए तो वह कैसे काम करता है।

Luna को स्टोर की खरीदारी, कीमत, इन्वेंट्री, कर्मचारियों के प्रबंधन, वेबसाइट और सोशल मीडिया जैसे कई कामों में अधिकार दिए गए हैं। कंपनी का कहना है कि इस तरह के प्रयोगों से यह समझने में मदद मिलती है कि ज्यादा सक्षम AI एजेंट वास्तविक दुनिया में किस तरह व्यवहार कर सकते हैं।

AI की मेमोरी अभी भी बड़ी चुनौती

इस प्रयोग में AI की एक बड़ी कमजोरी उसकी मेमोरी से जुड़ी सामने आई है। Andon Labs के अनुसार, Luna लंबे समय तक चलने वाली बातचीत और काम के दौरान हर जानकारी को हमेशा संदर्भ में नहीं रख पाती। कंपनी ने इसके लिए लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म मेमोरी सिस्टम बनाया है। इसके बावजूद कुछ मामलों में AI को पुराने फैसलों और निर्देशों से जुड़ी जानकारी दोबारा देनी पड़ती है।

स्टोर के बिजनेस पर भी पड़ा असर

Andon Market को सिर्फ AI की तकनीकी क्षमता दिखाने के लिए नहीं बनाया गया है। कंपनी यह भी देख रही है कि AI वास्तविक बिजनेस को कितनी अच्छी तरह चला सकता है।

Andon Labs की वेबसाइट के अनुसार, Luna ने कई काम सफलतापूर्वक संभाले हैं, लेकिन कंपनी ने यह भी माना है कि AI अभी बिजनेस के हर पहलू में परफेक्ट नहीं है। उदाहरण के लिए, Luna कई बार फैसले लेने से पहले उनके निवेश पर रिटर्न यानी ROI का पर्याप्त विश्लेषण नहीं करती। कंपनी ने यह भी कहा है कि स्टोर अभी मुनाफे में नहीं आया है।

क्या AI भविष्य में इंसानों का बॉस बन सकता है?

Andon Labs का प्रयोग इसी सवाल को समझने की कोशिश कर रहा है। कंपनी पहले ही ऐसे प्रयोग कर चुकी है जिनमें AI ने इंसानों को काम पर लगाया। फरवरी 2026 में कंपनी ने बताया था कि उसके एक AI एजेंट ने वास्तविक दुनिया में किसी इंसान को काम के लिए नियुक्त किया था। कंपनी के मुताबिक, AI एजेंटों के लिए कई भौतिक काम अभी भी इंसानी श्रम पर निर्भर हैं। Andon Market में इसी विचार को आगे बढ़ाया गया है। AI स्टोर का संचालन करता है, जबकि जरूरी भौतिक काम इंसान करते हैं।

क्या यह भविष्य की झलक है?

Andon Labs का मानना है कि AI एजेंट आने वाले समय में सिर्फ कर्मचारियों के सहायक नहीं रहेंगे, बल्कि मैनेजर और बिजनेस ऑपरेटर की भूमिका भी निभा सकते हैं। कंपनी इसी संभावित भविष्य को वास्तविक दुनिया के प्रयोगों के जरिए समझने की कोशिश कर रही है।

हालांकि, मौजूदा प्रयोग यह भी दिखाता है कि AI को पूरी तरह स्वतंत्र निर्णय लेने देना अभी आसान नहीं है। मेमोरी, निर्णय लेने की क्षमता, बिजनेस समझ और इंसानी संदर्भ को समझने जैसी चुनौतियां अभी मौजूद हैं। Andon Labs खुद Luna के काम में ऐसी कई सीमाओं और गलतियों को दर्ज कर रही है।

AI बॉस के साथ काम करने का अनुभव

Andon Market का प्रयोग सिर्फ तकनीकी सवाल नहीं उठाता, बल्कि कर्मचारियों के अनुभव को लेकर भी सवाल खड़े करता है। इंसान के ऊपर AI के मैनेजर के तौर पर काम करने का अनुभव पारंपरिक ऑफिस से काफी अलग है।

कंपनी ने इस प्रयोग को इसी वजह से सार्वजनिक किया है ताकि AI के बढ़ते इस्तेमाल, कर्मचारियों के अधिकार, निर्णय लेने की जिम्मेदारी और AI की निगरानी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सके। फिलहाल Andon Market को एक वास्तविक लेकिन नियंत्रित प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें AI को बिजनेस संचालन की जिम्मेदारी देकर उसकी क्षमताओं और सीमाओं को परखा जा रहा है।