Ajmer News: ऑनलाइन फूड डिलीवरी के माध्यम से ग्राहकों से अनुचित वसूली का मामला सामने आया है। ऐसा ही एक प्रकरण अजमेर में हुआ, जहां 1 रुपये के केचअप की डिलीवरी पर 84 रुपये का बिल थमा दिया गया। मामला अजमेर के मित्तल मॉल स्थित पिज्जा हट का है। नया बाजार निवासी कृतेश खंडेलवाल ने इस वसूली को अनुचित मानते हुए पिज्जा हट के खिलाफ उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कराई।

8 ग्राम के केचअप पर 84 रुपये वसूले
25 अगस्त 2024 को कृतेश खंडेलवाल ने स्विगी ऐप के जरिए 8 ग्राम का टमाटर केचअप ऑर्डर किया, जिसकी एमआरपी केवल 95 पैसे थी। हालांकि, डिलीवरी के बाद बिल में 84 रुपये का भुगतान किया गया। बिल में अन्य खर्चे जैसे ₹29 पैकिंग चार्ज, ₹6 प्लेटफॉर्म शुल्क, ₹46 डिलीवरी शुल्क, 94 पैसे का अतिरिक्त डिस्काउंट और ₹2.58 का टैक्स जोड़ा गया। बिल देखने पर कृतेश ने इसे चुनौती देने का फैसला किया।
कोर्ट में पहुंचा मामला
कृतेश ने वकील तरुण अग्रवाल के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने 1930 के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि होम डिलीवरी पर अतिरिक्त पैकिंग चार्ज वसूलना नियमों के खिलाफ है। आयोग ने पिज्जा हट के मालिक को नोटिस जारी किया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ।
अदालत ने ग्राहक के पक्ष में सुनाया फैसला
कोर्ट ने पिज्जा हट द्वारा वसूली को अनुचित ठहराते हुए कृतेश खंडेलवाल के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि बार-बार बुलाए जाने के बावजूद पिज्जा हट के मालिक का अदालत में पेश न होना और पैकिंग शुल्क वसूलना गलत है।
1 रुपये के बदले 10,000 रुपये का मुआवजा
उपभोक्ता अदालत ने आदेश दिया कि पिज्जा हट मालिक कृतेश खंडेलवाल को मानसिक कष्ट के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा और 2,000 रुपये का केस खर्च अदा करें।
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