लखनऊ. बसपा में आकाश आनंद की एक बार फिर वापसी हो गई है. मायावती ने उन्हें दोबारा पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करते हुए कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद उम्मीद है कि अब संगठन में सब कुछ सुचारू रूप से चलेगा. मायावती ने एक्स पर लिखा कि ‘जैसाकि सर्वविदित है कि परमूपज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व उनके परम अनुयायी कांशीराम की देश भर में बहुजन-हित हेतु जबरदस्त त्याग-तपस्या, आजीवन कड़ा संघर्ष व उनके उच्च आदर्श हमेशा ही प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं, जिस पर चलकर ही बीएसपी ने देश की राजनीति में अभूतपूर्व सफलतायें अर्जित की हैं और अब खासकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव को लेकर सर्वसमाज के साथ उत्साहपूर्ण जबरदस्त तैयारी भी की जा रही है.’
बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा ‘यहां यह भी कहना हैं कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है और हमेशा ही रहेगा. इसी को मद्देनज़र रखते हुये व ख़ासकर पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिये ही मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, अनेकों सख्त फैसले भी लिये गये हैं और इसको लेकर मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग कभी भी अपवाद नहीं रहे हैं, जो कि जग-जाहिर है. वैसे तो श्री आकाश आनन्द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ जरूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः आकाश आनन्द के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है.’
इसे भी पढ़ें : अयोध्या पहुंचे राजनाथ सिंह, बोले- योगी फिर बने CM तो स्कूलों में अनिवार्य हो वैदिक गणित
मायावती ने लिखि कि ‘आकाश आनन्द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका खास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है. इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि आकाश आनन्द के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई ईशान आनन्द ने भी अपनी सहमति जताई है. वास्तव में ईशान आनन्द ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से जरूर निभायेंगे.’
मायावती ने लिखा कि ‘ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री आकाश आनन्द को पुनः बीएसपी का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौका दे रही है. उम्मीद है कि अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालांकि यह काफी कुछ आकाश आनन्द के ऊपर भी निर्भर करेगा. इन्ही कुछ जरूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही आकाश आनन्द के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको (आकाश आनन्द) व इनके छोटे भाई ईशान आनन्द को और इनके पिता आनन्द कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूं. इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए खासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूं.’

