मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने रानोपाली स्थित उदासीन आश्रम में आयोजित गुरु पर्व महोत्सव में हिस्सा लिया. अयोध्या पहुंचने पर सबसे पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन किया और उसके बाद वह सीधे उदासीन आश्रम पहुंचे. आश्रम में संत-समाज ने उनका माल्यार्पण कर और अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया. इस दौरान पूरा आश्रम परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा.
महोत्सव को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने अयोध्या को केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि चेतना, संस्कृति और सभ्यता का केंद्र बताया. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अयोध्या की धरती को पवित्र किया है और यहीं से धर्म, न्याय और मर्यादा का संदेश पूरी दुनिया में पहुंचा है. उन्होंने योगी सरकार की जमकर सराहना करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के संरक्षण में प्रदेश में शासन व्यवस्था और सनातन व्यवस्था दोनों एक साथ उत्कर्ष को प्राप्त कर रही हैं. राम मंदिर आंदोलन में संतों के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर के लिए संतों ने जेल की यातनाएं सहीं और बड़े बलिदान दिए, इसलिए उनके त्याग को हमेशा याद किया जाएगा.
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अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने संस्कृत को देव भाषा और अध्यात्म की भाषा बताते हुए वैदिक गणित की विशेषता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि वैदिक गणित आज पूरी दुनिया में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर रहा है और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में भी इसे पढ़ाया जाता है. उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि योगी आदित्यनाथ दोबारा सरकार बनाते हैं तो वह उनसे आग्रह करेंगे कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में वैदिक गणित को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाए. इस दौरान उन्होंने श्री नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन को भी देखा और प्रसन्नता जताई, हालांकि आचार संहिता लागू होने के कारण वह भवन का औपचारिक उद्घाटन नहीं कर सके.

