लखनऊ. राजनीति के लिए के चीज कही जाती है कि ये संभावनाओं का खेल है. यहां कब कौन क्या कर दे कुछ नहीं कहा जा सकता. इसी राजनीति का एक अहम पहलू या अंग है गठबंधन. जिसमें कई दलों के नेता शामिल होते हैं. लेकिन कई बार ऐसी स्थिति आती है जिसमें कुछ नेताओं की आपस में नहीं बनती है. ऐसा ही कुछ उत्तर प्रदेश की राजनीति में दिखाई पड़ रहा है. जिसका असर इंडी गठबंधन पर हो सकता है. यहां अजब किस्सा चल रहा है. एक राष्ट्रीय पार्टी एक नेता को अलायंस से बाहर करने में लगी है. वहीं दूसरी ओर एक अन्य राष्ट्रीय पार्टी उस नेता का उसी गठबंधन में स्वागत कर रही है.
दरअसल, ये बात इंडी गठबंधन की है. जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव स्वामी प्रसाद मौर्य को इंडी गठबंधन का हिस्सा नहीं मान रहे. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस उनका इंडी गठबंधन में स्वागत कर रही है. अपनी जनता पार्टी के इंडी गठबंधन में शामिल होने के मौर्य के ऐलान पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य उनके गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं. वे सपा की सीटों की गिनती में भी शामिल नहीं हैं. अब इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत किया है.
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यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि बातचीत तो अभी शुरू ही हुई है. ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने की प्रक्रिया चल रही है. जो कोई भी देश में ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करना चाहता है, उसका स्वागत है. पाल ने अखिलेश यादव के लिए कहा कि यह उनकी निजी राय हो सकती है, लेकिन ‘इंडिया’ गठबंधन में जो कोई भी संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखता है और देश को मजबूत करना चाहता है, उसका स्वागत है.

