अमन शुक्ला, अयोध्या. सपा प्रमुख अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या दौरे पर थे. यहां वे पूर्व मंत्री पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए थे. कथा में उनकी उपस्थिति चर्चा का केंद्र बन गई है. सोशल मीडिया पर त्रिशूल, गदा, चक्र पकड़े हुए उनकी तस्वीर जमकर वायरल हो रही है. कथा में और भी पहलुओं की चर्चा सियासी गलियारों में हो रही है. कथा मंच से उन्होंने सीएम योगी को भी चुनौती दे डाली. वहीं शुक्रवार को एक्स पर उन्होंने प्रेस और मीडिया कर्मियों से माफी मांगी है.

दरअसल, मीडिया को कम समय देने को लेकर अखिलेश यादव ने उनसे माफी मांगी है. उन्होंने एक्स पर लिखा है कि ‘अयोध्या में उमड़े जनसैलाब के बीच आई हुई प्रेस-मीडिया को अधिक समय न दे पाने का खेद है. अयोध्या के कार्यक्रम में आए सभी पत्रकारों का हार्दिक अभिनंदन और धन्यवाद.’ अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके. उन्होंने अपने पोस्ट का अंत एक संदेश देते हुए किया. उन्होंने तीन लाइन के अपने पोस्ट में आखिर में लिखा कि ‘अब तो अयोध्या आते रहेंगे…’
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अखिलेश यादव के इस वाक्य से एक चर्चा ये भी बनती है कि अयोध्या को लेकर अखिलेश क्या सोच रहे हैं. क्योंकि अयोध्या को लेकर अखिलेश यादव के लिए कई तरह की बातें की जा रही है. भाजपा लगातार उन पर रामलला के दर्शन को लेकर सवाल खड़े कर रही है. चूंकि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से सपा प्रमुख अब तक रामलला के दर्शन के लिए मंदिर नहीं आए हैं. ऐसे में भाजपा लगातार उन पर हमलावर है. हालांकि अखिलेश ने गुरुवार को ही इस पर अपना रुख साफ कर दिया. उन्होंने कथा में मौजूद पवन पांडेय की ओर इशारा करते हुए कहा कि तारीख तय कर लो, सभी विधायक और सांसदों के साथ रामलला के दर्शन करेंगे.
वहीं दूसरी ओर कथा मंच से अखिलेश ने अपने संबोधन में बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती दी. उन्होंने कहा कि “मैंने अयोध्या विधानसभा सीट से पवन पांडेय को प्रत्याशी बनाया है. मैदान खुला पड़ा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में हिम्मत है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं.

