चंडीगढ़। चंडीगढ़ में अचानक खतरे के सायरन सुनाई दिए, जिसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया। तरह-तरह की बातें और अफवाहों का माहौल गर्मा गया। इस जानकारी सामने आई कि पानी छोड़ने के पहले यह सावधानी के तौर पर सायरन बजाए गए थे। दरअसल चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने सुखना से पानी छोड़ा, जिसके पहले आसपास के लोगों को अलर्ट करने के लिए सायरन बजाया गया था।
जानकारी के अनुसार पहले ही काफी दिनों से 1162 फीट के आसपास चल रहे जलस्तर के बाद मंगलवार रात कैचमेंट एरिया में हुई बारिश के बाद बुधवार को दो साल बाद फिर सुखना लेक के पानी को छोड़ना ही पड़ा। मंगलवार रात कैचमेंट एरिया में हुई भारी बारिश के बाद पानी के साथ गाद भी सुखना पहुंची तो पानी छोड़ना पड़ा, क्योंकि पानी का स्तर 1163 मीटर के आसपास पहुंच रहा था।

खास बात यह रही कि सुखना के सभी गेट नहीं खोले गए बल्कि एक ही गेट को मात्र दो इंच तक खोला गया था। जानकारी के मुताबिक कैचमेंट एरिया से आने वाले नालों के साथ ही बुधवार सुबह को पटियाला की राव का जलस्तर भी काफी ऊपर आ गया था। इस बार दो साल बाद सुखना से पानी छोड़ने की जरूरत पड़ी। दो साल पहले 2023 में दो दफा 10 जुलाई और 10 अगस्त को भारी बारिश के बाद गेट खोलने पड़े थे।
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