Technology Desk –  अगर आपका बैंक खाता Bank of Baroda में है, तो अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त सावधानी बरतना आपके लिए जरूरी हो सकता है। हाल ही में कुछ साइबर सुरक्षा रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बैंक से जुड़ा करीब 1 टेराबाइट (1000GB) डेटा डार्क वेब पर पहुंच गया है। हालांकि बैंक ने अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले ने ग्राहकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुष्टि होने का इंतजार करने के बजाय सुरक्षा के जरूरी कदम पहले ही उठा लेना बेहतर होता है।

लीक में क्या-क्या जानकारी होने का दावा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर समूह ने दावा किया है कि लीक हुए डेटा में लाखों ग्राहकों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। इनमें ग्राहक आवेदन फॉर्म, फोटो, पहचान से जुड़े दस्तावेज, लोन रिकॉर्ड और नेट बैंकिंग से संबंधित कुछ जानकारी होने का दावा किया गया है।

इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में बैंक के आंतरिक दस्तावेज, ऑडिट रिपोर्ट, लोन जांच से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य गोपनीय फाइलों का भी जिक्र किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किस हैकर ग्रुप का नाम सामने आया?

रिपोर्ट्स में TripleX नाम के हैकर ग्रुप का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह ग्रुप पहले भी कई संस्थानों पर साइबर हमले करने का दावा कर चुका है। इसलिए इस दावे को गंभीरता से देखा जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।

अगर आपका Bank of Baroda में अकाउंट है, तो क्या करें?

भले ही डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी कदम तुरंत उठाए जा सकते हैं।

  1. नेट बैंकिंग का पासवर्ड बदलें

अगर आपका पासवर्ड काफी समय से नहीं बदला गया है, तो तुरंत नया और मजबूत पासवर्ड सेट करें। आसान या पुराने पासवर्ड दोबारा इस्तेमाल करने से बचें।

  1. OTP और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें

कोई भी बैंक फोन, मैसेज या ईमेल पर OTP, CVV, PIN या पासवर्ड नहीं मांगता। अगर कोई खुद को बैंक अधिकारी बताकर ऐसी जानकारी मांगे, तो तुरंत कॉल काट दें।

  1. अकाउंट पर नियमित नजर रखें

अपने बैंक खाते और डेबिट या क्रेडिट कार्ड के सभी लेन-देन नियमित रूप से जांचते रहें। कोई भी अनजान ट्रांजेक्शन दिखे तो तुरंत बैंक को सूचना दें।

  1. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें

मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग में उपलब्ध अतिरिक्त सुरक्षा फीचर, जैसे टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, हमेशा सक्रिय रखें। इससे बिना आपकी अनुमति लॉगिन करना मुश्किल हो जाता है।

  1. संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत शिकायत करें

अगर आपको किसी फर्जी कॉल, ईमेल, लिंक या अनधिकृत ट्रांजेक्शन का संदेह हो, तो बिना देरी किए बैंक की ग्राहक सेवा से संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न करें

फिलहाल डेटा लीक के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अफवाहों पर भरोसा करने की बजाय सतर्क रहना सबसे सही तरीका है। साइबर अपराधी अक्सर ऐसे मामलों का फायदा उठाकर फर्जी कॉल, मैसेज और ईमेल के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखें।

ध्यान दें : अभी तक Bank of Baroda ने डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस खबर को संभावित साइबर सुरक्षा जोखिम के रूप में समझें और एहतियात के तौर पर जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाएं।