दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर संयुक्त राष्ट्र (UN) का बयान आया है। उसने शांतिपूर्ण आंदोलन करने अनुमति देने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने प्रदर्शन को लेकर कहा है कि जो भी लोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं, उनको बिना किसी उत्पीड़न या गिरफ्तारी के ऐसा करने दिया जाए। दरअसल, डुजारिक ने यह बयान तब दिया, जब उनसे मामले में सवाल पूछा गया था।

डुजारिक से क्या पूछा गया था?

डुजारिक से पूछा गया, “भारत में विरोध-प्रदर्शन जारी है, जिसमें पुलिस ने सैकड़ों छात्रों को घायल कर दिया है। छात्र शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और शिक्षा प्रणाली में बदलाव चाहते हैं, इस पर UN का क्या रुख है?” डुजारिक ने कहा, “UN विरोध-प्रदर्शन से वाकिफ है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को उत्पीड़न, गिरफ्तारी और चोटिल किए बिना ऐसा करने की इजाजत मिलनी चाहिए। सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी है कि वे अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें, जैसा हर जगह होता है।”

धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

देश भर में पेपर लीक के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने खुद अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके इस्तीफे की जानकारी दी है। अपने पोस्ट में उन्होंने लंबा लेख लिखा और कहा कि, उन्होंने काभी अपनी जिम्मेदारी से मुह नहीं मोड़ा। वहीं धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब इस आंदोलन के सूत्रधार कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) ने भी प्रतिक्रिया दी है।

CJP प्रमुख अभिजीत दिपके प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही खुशी से झूम उठे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, हमने कर दिखाया। दिपके ने कहा कि, पिछले एक महीने से लोग कहते थे कि ये सरकार झुकने वाली नहीं है… क्या कर रहे हो ? आगे उन्होंने कहा कि, हर कोई झुकता है झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने कहा कि, ये लोकतंत्र की जीत है।

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