रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन नए जजों की नियुक्ति की गई है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। जारी अधिसूचना के अनुसार, संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

अधिसूचना के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) के तहत राष्ट्रपति ने इन तीनों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। तीनों न्यायाधीश अपने-अपने पद का कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से पद संभालेंगे।

हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर होगी 14

बता दें कि हाईकोर्ट में जजों की संख्या अभी 11 है। अब यह संख्या बढ़कर 14 हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए तीन जजों की नियुक्ति की अनुशंसा की थी।

न्यायाधीश सुषमा सावंत का लंबा न्यायिक अनुभव

जज सुषमा सावंत ने न्यायिक सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उन्होंने महासमुंद, बिलासपुर और राजनांदगांव में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। इसके अलावा वह छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशक, बिलासपुर कुटुंब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ शासन के विधि और विधायी कार्य विभाग में अतिरिक्त सचिव जैसे पदों पर भी रह चुकी हैं। वर्तमान में वह इसी विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

न्यायाधीश सुधीर कुमार ने जिला न्यायालयों में संभाली हैं जिम्मेदारियां

जज सुधीर कुमार ने कई जिला न्यायालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे रायपुर में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय और विशेष न्यायालय में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने बिलासपुर, जशपुर, कोरबा, महासमुंद, दंतेवाड़ा, धमतरी और दुर्ग समेत कई जिलों में न्यायिक सेवाएं दी हैं। इसके अलावा बिलासपुर और रायपुर में भी न्यायिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनको विजिलेंस, अनुशासन और न्यायिक प्रशासन का अच्छा अनुभव है। उन्होंने न्यायिक अकादमी में प्रशिक्षण और क्षमता विकास से जुड़े काम भी किए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट प्रशासन और लोक सेवा आयोग में कानूनी सलाह देने का भी अनुभव है।

न्यायाधीश संतोष शर्मा ने 2009 में की थी न्यायिक सेवा की शुरुआत

जज संतोष शर्मा मूल रूप से सीहोर, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने 19 मार्च 2009 को सीधे उच्च न्यायिक सेवा में प्रवेश किया। वर्तमान में वे कोरबा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें 16 साल से ज्यादा न्यायिक कार्य का अनुभव है। बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, रायपुर और सूरजपुर में अलग-अलग न्यायिक पदों पर काम किया है। उन्होंने बिलासपुर हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (विजिलेंस) की जिम्मेदारी भी संभाली है। उन्होंने अंबिकापुर में एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश, दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और सूरजपुर में कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में भी काम किया है।

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