अररिया। जिले में पुलिस प्रशासन ने कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) जितेंद्र कुमार ने प्रशासनिक कसावट लाते हुए तीन थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया है और कई अन्य से स्पष्टीकरण तलब किया है। इस कदम से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
तीन थानेदार लाइन क्लोज, विभागीय कार्रवाई शुरू
एसपी जितेंद्र कुमार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कामकाज में गंभीर लापरवाही मिलने पर तीन थानों के प्रभारियों को तुरंत प्रभाव से लाइन क्लोज कर पुलिस केंद्र अररिया भेज दिया गया है। इन अधिकारियों में सिकटी थानेदार पुलिस सब इंस्पेक्टर रौशन कुमार, सोनमणी गोदाम थानेदार पुलिस सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार और बथनाहा थानेदार पुलिस सब इंस्पेक्टर राजवीर साहू शामिल हैं। इन तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
लंबित मामलों और कम निष्पादन पर गिरी गाज
नियमित निरीक्षण और समीक्षा के दौरान इन अधिकारियों की कार्यशैली में गंभीर कमियां पाई गईं। मुख्य रूप से दर्ज मामलों के मुकाबले उनका कम निपटारा होना और लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ना इस कार्रवाई का प्रमुख कारण बना। थानों की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए एसपी ने जिले के अन्य कई थाना प्रभारियों पर भी शिकंजा कसा है।
कई अन्य थानेदारों से मांगा गया स्पष्टीकरण
कम कार्यनिष्पादन और लापरवाही के चलते जिले के विभिन्न थानों के प्रभारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है:
- लंबित मामलों पर स्पष्टीकरण: अररिया, सिकटी, महिला थाना, रानीगंज, कुआड़ी, फुलकहा, फारबिसगंज, जोगबनी, नरपतगंज, भरगामा और घूरना के थानेदारों से पूछा गया है कि उनके क्षेत्र में मामलों का निपटारा अपेक्षा से कम और पेंडेंसी क्यों अधिक है।
- नशीले पदार्थों की बरामदगी पर सवाल: मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में असंतोषजनक प्रदर्शन के लिए अररिया, रानीगंज, महलगांव, बौसी, ताराबाड़ी, भरगामा, नरपतगंज और फारबिसगंज के थानेदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- वारंट और कुर्की में ढिलाई: एनबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट), इस्तेहार और कुर्की जैसी महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई में सुस्ती बरतने पर अररिया, फारबिसगंज, रानीगंज, नरपतगंज और सिकटी के थानेदारों को जवाबतलब किया गया है।
पुलिस प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि थानों में जनता के प्रति जवाबदेही तय करना और पुलिसिंग के स्तर को सुधारना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है। तय मानकों पर खरा न उतरने वाले अधिकारियों को भविष्य में और भी कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।



