Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत के लिए कुश्ती से एक और गोल्ड आया है। पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में अमन सहरावत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में उनका सामना उत्तर कोरिया के हान चोंग सोंग से हुआ। बेहद रोमांचक रहे मुकाबले में अमन ने पहले बढ़त बनाई, फिर पिछड़े और आखिर में जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मुकाबले की शुरुआत में अमन ने धैर्य के साथ खेल दिखाया। हान चोंग सोंग ने शुरुआती मिनटों में कई बार आक्रमण करने की कोशिश की, लेकिन अमन ने उनके दांव को नाकाम करते हुए सही मौकों का इंतजार किया। डिफेंस के साथ मौके मिलते ही किए गए हमलों की बदौलत अमन ने पहले राउंड में 6-1 की बढ़त बना ली।

छह पॉइंट की बढ़त पलभर में हुई खत्म

मुकाबला अमन के नियंत्रण में नजर आ रहा था, लेकिन दूसरे हाफ में तस्वीर अचानक बदल गई। हान चोंग सोंग ने आक्रामक रुख अपनाया और अमन पर लगातार दबाव बनाया। उत्तर कोरियाई पहलवान ने तेजी से छह अंक हासिल कर लिए।

कुछ ही देर में 6-1 की बढ़त 6-7 में बदल गई। इस वापसी के बाद हान मुकाबले में आगे निकल चुके थे और अमन के लिए स्थिति मुश्किल हो गई थी। एक समय ऐसा लगा कि भारत के हाथ से स्वर्ण पदक फिसल सकता है।

आखिरी दौर में अमन का बड़ा दांव

अमन ने इस दबाव के बीच अपना संयम नहीं खोया। उन्होंने जल्दबाजी करने के बजाय सही मौके का इंतजार किया। मौका मिलते ही अमन ने शानदार दांव लगाया और एक साथ चार अंक हासिल कर लिए।

इस एक मूव ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। अमन दोबारा बढ़त में आ गए और इसके बाद उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं दिया।

उत्तर कोरिया की चुनौती भी हुई खारिज

मुकाबले के इस निर्णायक दौर में उत्तर कोरिया के कोच ने अमन के दांव पर चुनौती दी। हालांकि वीडियो रिव्यू के बाद चुनौती को खारिज कर दिया गया। चुनौती असफल रहने के कारण नियमों के मुताबिक अमन के खाते में एक और अंक जुड़ गया।

इसके साथ ही अमन की स्थिति और मजबूत हो गई और उन्होंने फाइनल अपने नाम करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिला दिया।

भारत के कुश्ती अभियान का दूसरा गोल्ड

अमन सहरावत का यह स्वर्ण पदक एशियन गेम्स में कुश्ती से भारत का दूसरा गोल्ड है। इससे पहले सुजीत कलकल ने प्रतियोगिता में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। अमन की जीत के साथ भारत के कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 20 हो गई है।

फाइनल में अमन की जीत की खास बात यह रही कि उन्होंने शुरुआती बढ़त गंवाने और 6-7 से पिछड़ने के बाद भी मुकाबले पर पकड़ बनाई। निर्णायक समय में उनका शांत रहना और सही मौके पर लगाया गया चार अंकों का दांव भारत के लिए गोल्ड जीतने वाला मोड़ साबित हुआ।

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