औरंगाबाद। जम्होर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कस्तूरबा गांधी गर्ल्स रेसिडेंशियल स्कूल की 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ स्कूल के ही एक कंप्यूटर टीचर द्वारा दुष्कर्म किए जाने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​स्कूल के दस्तावेजों से नंबर निकालकर शुरू किया संपर्क

परिजनों की ओर से जम्होर थाने में दिए गए आवेदन के मुताबिक, आरोपी कंप्यूटर शिक्षक ने करीब एक महीने पहले स्कूल के आधिकारिक दस्तावेजों और रजिस्टरों से छात्रा का मोबाइल नंबर हासिल किया था। इसके बाद शिक्षक ने पढ़ाई, होमवर्क और स्कूल के अन्य कामकाज के बहाने छात्रा से फोन पर बातचीत करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे आरोपी ने बातचीत का दायरा बढ़ाया और छात्रा को अपने भरोसे में ले लिया। इसके बाद उसने शादी का झूठा झांसा देकर लगातार उसका यौन शोषण करना शुरू कर दिया।

​गर्भ ठहरने पर खिलाई दवा

पीड़िता के अनुसार, आरोपी शिक्षक लगातार उसे ब्लैकमेल करता था और किसी को बताने पर उसके माता-पिता की हत्या करने की धमकी देता था। इस गहरी दहशत और डर के कारण नाबालिग लंबे समय तक चुप रही और किसी से कुछ नहीं कह सकी। लगातार हो रहे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से तंग आकर छात्रा ने कुछ दिन पहले हॉस्टल तक छोड़ दिया था। इसी दौरान जब छात्रा गर्भवती हो गई और उसने यह बात आरोपी शिक्षक को बताई, तो उसने उसे चुपचाप एक दवा लाकर खिला दी ताकि मामला दबा रहे।

​पुलिस कार्रवाई, मेडिकल जांच और कोर्ट में बयान दर्ज

घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजन तुरंत थाने पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिजनों के आवेदन के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पोक्सो एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने पीड़िता को सदर अस्पताल ले जाकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया। इसके साथ ही, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 (पूर्ववर्ती सीआरपीसी की धारा 164) के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का गोपनीय बयान भी दर्ज कराया गया है।

​आरोपी की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की पुरजोर मांग

इस घटना के सामने आने के बाद पीड़िता के माता-पिता और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी शिक्षक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे शिक्षा विभाग की सेवा से हमेशा के लिए बर्खास्त किया जाए। जम्होर थाना के एसएचओ दीपक कुमार राय ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील है तथा पुलिस पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।