अगले एक साल में बैंक सखियों की संख्या तीन हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य, अभी सुदूर अंचलों में 1361 बैंक सखी कर रही हैं पेंशन, मनरेगा मजदूरी और छात्रवृत्ति भुगतान