मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. दसवें दीपोत्सव को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए रामनगरी अयोध्या को रामायण की थीम पर पूरी तरह से सजाया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही तैयारियों के तहत इस बार अयोध्या में 3D थीमेटिक प्रवेश द्वार और सेल्फी प्वाइंट विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे. इन संरचनाओं पर रामायण के प्रमुख प्रसंगों, पात्रों और रामचरितमानस की चौपाइयों को आकर्षक कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि अयोध्या आने वाले हर श्रद्धालु को रामनगरी में प्रवेश करते ही रामायण काल का जीवंत अनुभव हो सके.

दीपोत्सव के लिए कुल 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं. इस कार्य में लगी मोक्ष एडवर्टाइजिंग एंड इवेंट्स मैनेजमेंट कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार, तीन बड़े प्रवेश द्वार हाईवे से अयोध्या आने वाले मुख्य मार्गों पर स्थापित किए जाएंगे, जबकि दस प्रवेश द्वार राम की पैड़ी क्षेत्र में लगाए जाएंगे. इन सभी द्वारों पर 3D आर्ट के साथ रामायण की चौपाइयां अंकित की गई हैं, जो श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की लीलाओं और उनके आदर्शों का स्मरण कराएंगी.

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इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए 20 विशेष सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किए जा रहे हैं. इनमें दस सेल्फी प्वाइंट रामकथा मार्ग पर और दस लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी तक स्थापित किए जाएंगे. इनकी थीम पूरी तरह रामायण के प्रमुख प्रसंगों पर आधारित है और इनकी संरचना को विशेष रूप से धनुष के आकार में तैयार किया जा रहा है. इन सेल्फी प्वाइंट्स पर महर्षि वाल्मीकि आश्रम, श्रीराम का धनुष भंग, श्रीराम-सीता विवाह, शबरी की भक्ति, श्रीराम-भरत मिलाप, जटायु प्रसंग और श्रीराम-निषादराज मिलन जैसे दृश्यों को दर्शाया जाएगा, जो बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से आकर्षित करेंगे.

लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी तक बनाए जा रहे ये सेल्फी प्वाइंट रामायण के सातों कांडों – बालकांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदरकांड, लंका कांड और उत्तरकांड पर केंद्रित होंगे. इनमें सुमेरु पर्वत लेकर उड़ते हनुमान, वर्षा से प्रभु श्रीराम की रक्षा करते हनुमान, श्रीराम-लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ते हनुमान और जटायु से प्रभु श्रीराम का संवाद जैसे अद्भुत प्रसंग शामिल हैं. साथ ही अशोक वाटिका में माता सीता से हनुमान की भेंट, लंका दहन, रावण वध, केवट मिलन, रावण पर बाण चलाते प्रभु श्रीराम और माता सीता की अग्नि परीक्षा जैसे दृश्यों को भी कलाकृतियों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा.

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प्रशासन का उद्देश्य है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु इन थीमेटिक संरचनाओं के साथ तस्वीरें लेकर आयोजन की यादों को संजो सकें. पारंपरिक धार्मिक प्रसंगों को आकर्षक 3D संरचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करने की यह पहल दीपोत्सव में आधुनिक सजावट और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत का संगम दिखाएगी और नई पीढ़ी को रामकथा से जोड़ने का माध्यम बनेगी.