मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. रामनगरी अयोध्या दीपोत्सव के लिए पूरी तरह से सज-धज कर तैयार हो रही है. इस बार का दीपोत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं का अनूठा संगम होने जा रहा है. 6 से 8 नवंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय महा-आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का अनुमान है. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह भिटौरिया ने बताया कि दीपोत्सव के दौरान किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए विभाग ने व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है.
दीपोत्सव मेले के सकुशल और सुचारू संचालन के लिए डिप्टी सीएमओ सह नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राम मणि शुक्ला को मेलाधिकारी नियुक्त किया गया है. उनके नेतृत्व में पूरी स्वास्थ्य टीम काम करेगी.विभाग ने आयोजन स्थल और उसके आसपास के प्रमुख स्थानों पर कुल 14 अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित करने का निर्णय लिया है. ये सभी शिविर 5 नवंबर से 8 नवंबर तक 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे. इन शिविरों में किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार मुहैया कराया जाएगा.इन शिविरों के संचालन के लिए 45 चिकित्सा अधिकारियों, 45 फार्मासिस्टों और 45 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों समेत कुल 135 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है.
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आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए विभाग ने 10 अतिसंवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर एंबुलेंस की तैनाती की है. ये एंबुलेंस 24 घंटे सक्रिय रहेंगी और मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का काम करेंगी.एंबुलेंस तैनाती स्थल-हनुमानगढ़ी, कारसेवकपुरम, कनक भवन मंदिर परिसर, श्रीराम जन्मभूमि परकोटा, नागेश्वरनाथ मंदिर, नया घाट (पुराना सरयू पुल), साकेत पेट्रोल पंप, वीणा चौराहा, हनुमान गुफा और कंट्रोल रूम.इसके अलावा किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों में कुल 50 बेड आरक्षित किए गए हैं. इसमें राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में 20 बेड, जिला अस्पताल में 20 बेड और श्रीराम चिकित्सालय में 10 बेड शामिल हैं.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि- सीएमओ
सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा, “दीपोत्सव जैसे विशाल आयोजन में स्वास्थ्य व्यवस्था सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसलिए सभी शिविरों में पहले से ही सभी आवश्यक दवाएं, जीवनरक्षक उपकरण और इमरजेंसी किट उपलब्ध करा दी गई हैं. चिकित्सकों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे भीड़भाड़ वाले माहौल में कुशलतापूर्वक काम कर सकें.उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर निगम की टीम भी सक्रिय है. मच्छरों से बचाव के लिए आयोजन स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन फॉगिंग और नालियों में लार्वा रोधी दवाओं का छिड़काव किया जाएगा. अयोध्या प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के दीपोत्सव का आनंद ले सकें.

