मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले ही अयोध्या धाम में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है. वहीं उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के आगमन को लेकर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से रामकथा पार्क तक उनकी फ्लीट का रिहर्सल भी कराया गया. सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से अयोध्या धाम क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में विभाजित किया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के मुताबिक प्रमुख आयोजन स्थलों, मंदिरों और रामलीला स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है.
7 नवंबर को छोटी दीपावली पर दीपोत्सव और 8 नवंबर को दीपावली के मद्देनजर सभी प्रमुख स्थलों पर दो पालियों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक जोन की कमान अपर पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है. वहीं सेक्टरों में पुलिस उपाधीक्षक और निरीक्षक स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे. कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्थाओं की निगरानी और समय से तैयारियां पूरी कराने के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं.
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पुलिस प्रशासन की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार सुरक्षा में 20 अपर पुलिस अधीक्षक, 45 पुलिस उपाधीक्षक, 120 निरीक्षक, 450 उपनिरीक्षक और 60 महिला उपनिरीक्षक लगाए गए हैं. इनके अतिरिक्त 1750 मुख्य आरक्षी व आरक्षी तथा 400 महिला आरक्षियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है. यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 10 यातायात निरीक्षक, 50 यातायात उपनिरीक्षक और 300 मुख्य आरक्षी व आरक्षियों की तैनाती की गई है. पुलिस बल के साथ पीएसी की नौ सामान्य कंपनियां और एक बाढ़ राहत कंपनी भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल रहेगी. इसके अलावा आरएएफ की तीन कंपनियां, एसडीआरएफ की एक टीम और एटीएस कमांडो की एक टीम तैनात की गई है. खुफिया निगरानी के लिए भी अलग से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है.
इसमें तीन निरीक्षक, 25 उपनिरीक्षक, 50 मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 15 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं. आयोजन स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए एंटी माइंस की एक टीम, बम जांच एवं निरोधक दस्ते की तीन टीमें और एएस चेक की नौ टीमें भी लगाई गई हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और रिजर्व पुलिस बल को भी तैयार रखा गया है. पुलिस प्रशासन का जोर दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और प्रमुख आयोजन स्थलों पर सतर्क निगरानी बनाए रखने पर है.

