मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. कल से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र को लेकर रामनगरी अयोध्या में दुर्गा पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. शहर के सभी प्रमुख पंडालों में प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है और पंडालों को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है. इस बार अयोध्या की दुर्गा पूजा में आस्था का एक अनोखा संगम देखने को मिलेगा. श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के साथ-साथ बर्फानी बाबा और नीम करोली बाबा के भी दर्शन करने का अवसर मिलेगा. फतेहगंज स्थित राम जानकी मंदिर में पहली बार नीम करोली बाबा की प्रतिमा स्थापित की जा रही है, जहां भक्त एक ही स्थान पर तीनों दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर सकेंगे.

इसको लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. डीआईजी अयोध्या रेंज सोमेन बर्मा ने बताया कि अयोध्या मंडल के पांचों जिलों में इस बार लगभग 10 हजार दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं. सुरक्षा के मद्देनजर सभी दुर्गा पूजा पंडालों में पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिस और वॉलंटियर तैनात रहेंगे. साथ ही पीएसी और सिविल पुलिस के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. मूर्ति विसर्जन के दौरान नदियों में एसडीआरएफ की टीम और गोताखोरों की तैनाती रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी की जाएगी. श्रद्धालुओं की सुविधा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं.

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महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एंटी रोमियो स्क्वॉड भी सक्रिय रहेगी, ताकि सार्वजनिक स्थलों और पूजा पंडालों के आसपास शरारती तत्वों पर नजर रखी जा सके. इसके अलावा डीजे संचालकों के साथ बैठक कर निर्धारित मानकों के अनुरूप ही आवाज रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ध्वनि प्रदूषण को रोका जा सके, वहीं कुछ दुर्गा पूजा समितियों ने इस बार डीजे का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया है. नवरात्र और दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है.