मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी में एक किराएदार ने ही बुजुर्ग मकान मालकिन को घर से बेघर कर दिया. पीड़ित बुजुर्ग दंपत्ति अपनी गाढ़ी कमाई से खरीदी गई संपत्ति पर कब्जा पाने के लिए अधिकारियों की चौखट नापने को मजबूर है. लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात न हो पाने के बाद शनिवार को दंपत्ति ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा बयां की.

मूल रूप से बिहार की रहने वाली और वर्तमान में रामजन्मभूमि थाना क्षेत्र के दूल्हा-दुल्हन भवन, रामकोट में निवास कर रही रूपा सखी पत्नी शीतल दास ने बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है. करीब तीन दशक पहले उन्होंने रामकोट की हरिहर कॉलोनी में 91,500 रुपये में जमीन खरीदी थी और उस पर चार कमरों का मकान बनवाकर रह रही हैं. उनके पति शीतल दास चलने-फिरने में असमर्थ हैं.

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पीड़िता के अनुसार, 20 अगस्त को पुणे निवासी महादेव उर्फ हेमंत ठाकुर ने उनके यहां एक कमरा किराए पर लिया और अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ रहने लगा. आरोप है कि किराएदार ने पहले उनकी बुजुर्गी का फायदा उठाकर संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाया और मना करने पर मारपीट की. इसके बाद उसने पूरे मकान पर कब्जा कर अपना ताला लगा दिया.

रूपा सखी ने बताया कि संपत्ति की रक्षा के लिए उन्होंने अयोध्या के बसौली मंदिर निवासी और अपने गांव की भतीजी प्रियंका पाठक व उनके पति पंकज पाठक पुत्र किशन कुमार पाठक के नाम मकान का दाननामा लिख दिया है. इसके बावजूद किराएदार मकान छोड़ने को तैयार नहीं है. आरोप है कि घर में रखे जेवरात और शौचालय-बाथरूम निर्माण के लिए रखे एक लाख रुपये भी हड़प लिए.पीड़ित दंपत्ति का कहना है कि वे न्याय के लिए डीएम, एसएसपी और एसडीएम सदर के पास गए. रामजन्मभूमि थाना पुलिस ने आरोपी को थाने में बंद भी किया, लेकिन अभी तक उन्हें कब्जा नहीं दिलाया जा सका है. पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है.