मयंक श्रीवास्त्व, अयोध्या. जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अब लेखपाल संघ आमने-सामने आ गया है. सोहावल तहसील के कैल पारा गांव के लेखपाल उत्कर्ष दीप को एंटी करप्शन टीम द्वारा 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. गुरुवार को हुई इस कार्रवाई के विरोध में आज जिले भर के लेखपाल सदर तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए हैं. लेखपाल संघ ने इसे पूरी तरह से फर्जी और साजिशन फंसाने की कार्रवाई बताया है.
संघ का दावा है कि लेखपाल उत्कर्ष दीप को गलत तरीके से फंसाया गया है. संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि फाइल में जबरदस्ती पैसे रखकर लेखपाल को दिए गए और फिर एंटी करप्शन टीम को बुला लिया गया. संघ की प्रमुख मांगें कि लेखपाल उत्कर्ष दीप के खिलाफ की गई कार्रवाई को तत्काल वापस लिया जाए. उत्कर्ष दीप को ससम्मान पद पर वापस लाया जाए. जनपद में लेखपालों के खिलाफ की गई अन्य सभी कार्रवाईयों को भी हटाया जाए.
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धरने पर बैठे लेखपालों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह धरना जारी रहेगा. इस धरने के चलते सदर तहसील में राजस्व से जुड़े कामकाज पूरी तरह से ठप हो गए हैं, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.बताया जा रहा है कि उत्कर्ष दीप को जमीन की पैमाइश के एवज में 10 हजार की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप करके पकड़ा था. अब इस मामले में लेखपाल संघ बनाम एंटी करप्शन की लड़ाई बन गई है.

