अयोध्या. श्री राम जन्मभूमि मंदिर में तैयार और वितरित किए जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता, शुद्धता और स्वच्छता को लेकर बड़ी उपलब्धि सामने आई है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को प्रतिष्ठित ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-BHOG’ प्रमाणपत्र प्रदान किया है. मंदिर ने मूल्यांकन के दौरान कुल 114 अंकों में से 103 अंक हासिल किए हैं. इसके साथ ही मंदिर को अतिविशिष्ट श्रेणी में जगह मिली है.
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FSSAI के CEO ने ट्रस्ट को सौंपा प्रमाणपत्र
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संयोजन में आयोजित समारोह में FSSAI के CEO राजित पुन्हानी अपनी टीम के साथ अयोध्या पहुंचे. उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को आधिकारिक प्रमाणपत्र सौंपा. इस प्रमाणन का उद्देश्य मंदिर में प्रसाद तैयार करने, रखने और श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा के मानकों को सुनिश्चित करना है.
114 में से 103 अंक हासिल कर बनाई जगह
FSSAI और उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के अधिकारियों के मुताबिक, ‘भोग’ प्रमाणपत्र के लिए पूजा स्थलों का कई चरणों में मूल्यांकन किया जाता है. इसमें रसोई, भंडारण और भोजन वितरण स्थलों का भौतिक निरीक्षण शामिल है. खाद्य सामग्री संभालने वाले कर्मचारियों को FoSTaC के तहत प्रशिक्षण देना भी जरूरी है. कुल 47 मानकों वाली चेकलिस्ट के आधार पर 114 अंकों का मूल्यांकन किया जाता है. 100 से अधिक अंक पाने वाले धार्मिक स्थलों को अतिविशिष्ट श्रेणी में रखा जाता है.
अयोध्या के पांच अन्य धार्मिक स्थलों को भी सम्मान
राम मंदिर के अलावा अयोध्या के पांच अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी यह प्रमाणपत्र दिया गया है. इनमें हनुमानगढ़ी, कनक भवन, जैन मंदिर और मां देवकाली मंदिर शामिल हैं. प्रमाणपत्र की वैधता दो वर्ष तक रहेगी.
हर 15 दिन में होगी आंतरिक जांच
प्रमाणपत्र मिलने के बाद भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों की निगरानी जारी रहेगी. केंद्र और यूपी FSDA के अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण करेंगे. वहीं, मंदिर ट्रस्ट की आंतरिक ऑडिट टीम हर 15 दिन में चेकलिस्ट के आधार पर समीक्षा करेगी. FSSAI CEO राजित पुन्हानी ने कहा कि प्रसाद श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, इसलिए हर श्रद्धालु तक सुरक्षित प्रसाद पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है. ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने भी प्रसाद की शुद्धता और स्वच्छता को महत्वपूर्ण बताया.

