मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. रुदौली क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सिर्फ बदहाल सड़क की कहानी नहीं कहती, बल्कि मासूम स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर मंडराते बड़े खतरे की ओर इशारा करती है. उधरौरा मार्ग की जर्जर हालत से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और 2027 चुनाव को लेकर “रोड नहीं तो वोट नहीं” का ऐलान कर दिया.

स्थानीय लोगों के अनुसार उधरौरा मार्ग दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है. लेकिन इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. पूरी सड़क उबड़-खाबड़ हो चुकी है, जिससे यहां से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है. ग्रामीणों का आरोप है कि इसी खराब रास्ते पर गिरकर अब तक कई लोग घायल हो चुके हैं.

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सबसे ज्यादा चिंता अभिभावकों को अपने बच्चों को लेकर है. इसी टूटी-फूटी सड़क से रोजाना स्कूली बसें और वैन छोटे-छोटे बच्चों को लेकर गुजरती हैं. अभिभावकों का कहना है कि गड्ढों में बसों के हिचकोले खाते ही दिल बैठ जाता है. उनका सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? बच्चों की सुरक्षा से बड़ा और क्या हो सकता है?

महिलाओं ने दिखाए जख्मी पैर, फूटा दर्द

प्रदर्शन के दौरान गुस्साई महिलाओं ने अपने जख्मी पैर दिखाकर प्रशासन को सड़क की हकीकत दिखाई. महिलाओं ने बताया कि गड्ढों में गिरने से वे रोजाना चोटिल हो रही हैं. ग्रामीणों ने खुद को दलित समाज का बताते हुए आरोप लगाया कि क्या इसी वजह से उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. पिछले तीन पंचवर्षीय से उन्हें सड़क बनने का सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ. आक्रोशित ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उधरौरा मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया तो वे आगामी पंचायत चुनाव के साथ-साथ 2027 के विधानसभा चुनाव में मतदान का पूर्ण बहिष्कार करेंगे. अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस चेतावनी के बाद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि कब जागते हैं.