मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. गांधी जयंती के मौके पर अयोध्या की सियासत गरमा गई है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया है. दोनों दलों ने लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत 7 दिन के जिला स्तरीय आंदोलन का ऐलान करते हुए CEC के इस्तीफे की मांग की है.
सपा जिलाध्यक्ष जय सिंह राणा और महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर यह लड़ाई शुरू की गई है. उनका आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326 देश के हर 18 साल से ऊपर के नागरिक को वोट का अधिकार देता है. बाबा साहेब अंबेडकर ने साफ लिखा है कि धर्म, जाति और लिंग के आधार पर किसी का वोट नहीं काटा जा सकता. लेकिन SIR के नाम पर यूपी समेत कई राज्यों में लाखों वैध मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं. यह सीधे-सीधे लोकतंत्र की हत्या है.”
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सपा ने बताया कि कल से सभी विधानसभाओं में बैठकें शुरू होंगी, जिसके बाद जिला मुख्यालय पर विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा. इसमें सभी मौजूदा और पूर्व विधायक, सांसद और प्रत्याशी शामिल होंगे. कांग्रेस जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने इससे भी बड़े आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि EVM के जरिए वोटों की चोरी की जा रही है और इसके लिए पूरी चुनाव आयोग की टीम जिम्मेदार है.
“छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हमारी बनती हुई सरकार को धांधली से रोका गया. जांच में सामने आया है कि तीन कमरों के छोटे-छोटे मकानों में 85-85 फर्जी वोटर दिखाए गए हैं. जब हमारे नेता राहुल गांधी यह सवाल सदन में उठाते हैं तो सत्ता पक्ष सदन से भाग जाता है,” उन्होंने कहा. कांग्रेस ने ऐलान किया कि इंडिया गठबंधन, सीपीआई और सपा मिलकर सड़कों पर उतरेगी. 7 दिन तक महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना, पुतला दहन और प्रदर्शन होगा. साथ ही चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और जेल भेजने के लिए न्यायपालिका का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा.

