मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. सावन माह की शुरुआत कल (गुरुवार) से हो रही है. एक महीने तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध सावन मेले को लेकर अयोध्या में तैयारियां तेज हो गई हैं. मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. बुधवार को कमिश्नर राजेश कुमार, डीआईजी सोमेन वर्मा और डीएम शशांक त्रिपाठी ने राम की पैड़ी और नया घाट क्षेत्र का निरीक्षण किया. तीसरे और अंतिम सावन सोमवार को उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए कांवड़ यात्रा के रूट को फाइनल कर दिया गया है.
श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त शौचालय और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की संख्या बढ़ाई गई है. कांवड़ मार्ग को समतल किया जा रहा है ताकि ऊंचे-नीचे रास्तों से श्रद्धालुओं को परेशानी न हो. पानी, बिजली और शुद्ध पेयजल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.
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बारिश के दौरान फिसलन रोकने के लिए मार्गों पर बालू और मंदिरों के आसपास जूट मैटिंग बिछाई जाएगी. सरयू नदी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस तैनात रहेगी और फ्लोटिंग बैरियर लगाए गए हैं, ताकि स्नान सुरक्षित क्षेत्र में ही हो सके. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पूरा मेला एटीएस, एसटीएफ और अतिरिक्त 12 कंपनी पीएसी की निगरानी में संपन्न होगा. भीड़ वाले दिनों में रूट डायवर्जन भी लागू रहेगा. इस बार के सावन मेले का सबसे बड़ा आकर्षण पहली बार भगवान श्रीराम की पालकी का राम मंदिर से मणि पर्वत तक जाना होगा, जहां भगवान झूला उत्सव में विराजमान होंगे.


