सतीश सिंह, गोरखपुर. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों में व्यस्त रहने के बावजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन आयोजित किया. इस दौरान उन्होंने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को हर शिकायत का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

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पूजा के बाद सीधे जनता के बीच पहुंचे

गुरु पूर्णिमा के विशेष पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में पहुंचे. उन्होंने एक-एक फरियादी से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और स्वयं प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रार्थना पत्रों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए साथ ही प्रत्येक शिकायत का समाधान पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाए.

बीमार मरीजों को दिलाया भरोसा

जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि धन की कमी के कारण किसी भी मरीज का इलाज नहीं रुकेगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों के इलाज का इस्टीमेट तत्काल तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि सहायता राशि जल्द जारी की जा सके.

बच्चों को चॉकलेट देकर जीता दिल

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का स्नेहिल और आत्मीय स्वरूप भी देखने को मिला. महिलाओं के साथ आए छोटे बच्चों को उन्होंने प्यार-दुलार किया, आशीर्वाद दिया और चॉकलेट भेंट की. मुख्यमंत्री के इस व्यवहार से बच्चों और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे.

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गुरु पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व पर पूजा-अर्चना के साथ जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल सरकार की जनसुनवाई और त्वरित समाधान की प्रतिबद्धता को दिखाती है.