बहादुरगढ़ नगर परिषद और जिला नगर आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों के बीच जारी विवाद से शहर का विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने इस प्रशासनिक गतिरोध को दूर करने के लिए उपायुक्त वर्षा खनगवाल से मुलाकात की है।

संजीत कबलाना,बहादुरगढ़। नगर परिषद और जिला नगर आयुक्त कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चल रही आपसी खींचतान का सीधा असर अब बहादुरगढ़ शहर के विकास कार्यों पर साफ दिखाई देने लगा है। नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने इस गंभीर मामले को लेकर जिला उपायुक्त वर्षा खनगवाल से मुलाकात की और उनसे तुरंत इस विवाद में सकारात्मक हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है। चेयरपर्सन ने उपायुक्त को विस्तार से अवगत कराया कि अधिकारियों के बीच तालमेल और समन्वय की भारी कमी के कारण विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं ठप पड़ी हैं। इस प्रशासनिक गतिरोध का खामियाजा सीधे तौर पर शहर की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

अटके पड़े हैं करोड़ों के टेंडर

चेयरपर्सन सरोज राठी ने जिला प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा बहादुरगढ़ के विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों में बुनियादी विकास कार्यों के लिए जारी किए गए करीब 18 करोड़ रुपये के टेंडर लंबे समय से अधर में लटके हुए हैं। अधिकारियों के टेंडर न खोलने के अड़ियल रवैये के चलते Bahadurgarh Development Tenders Pending की सूची लगातार लंबी होती जा रही है। इनमें से कई महत्वपूर्ण टेंडर तो ऐसे हैं जिन्हें जारी हुए करीब एक वर्ष का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन उन्हें अब तक आधिकारिक रूप से खोला नहीं गया। इस वजह से शहर की सड़कों, गलियों, पार्कों और जल निकासी जैसी अति आवश्यक विकास योजनाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं।

चेयरपर्सन ने की जल्द समाधान की मांग

सरोज राठी ने उपायुक्त से विशेष आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर इन लंबित टेंडरों को जल्द से जल्द खोलने की प्रक्रिया सुनिश्चित करवाएं ताकि शहर में रुके हुए विकास कार्यों को दोबारा तेजी मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने नगर परिषद कार्यालय में रोजमर्रा के कार्यों के सुचारू रूप से संचालन के लिए रिक्त पड़े कंप्यूटर ऑपरेटरों के पदों पर भी शीघ्र नई नियुक्तियां करने की मांग रखी। चेयरपर्सन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस प्रशासनिक विवाद का जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो शहर के विकास की रफ्तार पूरी तरह थम जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इस पर त्वरित कदम उठाकर जनता को राहत देगा।